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दिल्ली में जहरीली हवा का प्रकोप: लागू हो सकता है ऑड-ईवन फॉर्मूला, पढ़ें ये 14 बड़े फैसले

दिल्ली में जहरीली हवा का प्रकोप: लागू हो सकता है ऑड-ईवन फॉर्मूला, पढ़ें ये 14 बड़े फैसले


दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पर्यावरण मंत्री, विशेषज्ञों व अधिकारियों के साथ चिंताजनक वायु प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए तत्कालिक उपायों से संबंधित एक उच्च स्तरीय बैठक की. दिल्ली में अगले आदेश तक ट्रकों का प्रवेश बंद (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) करने, डीएमआरसी/डीटीसी के फेरे बढ़ाने और सभी तरह के निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाने जैसे कई बड़े निर्णय लिए हैं. इतना ही नहीं, उपराज्यपाल ने ऑड-ईवन योजना को भी शुरू करने के लिए कहा है. जहरीली हवा को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने रविवार तक स्कूल भी बंद कर दिए हैं.

दिल्ली में बुधवार सुबह भी धुंध की गहरी चादर पसरी रही और कई स्थानों पर दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई.  शहर में हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो गई तथा प्रदूषण का स्तर आपात स्थिति के काफी करीब पहुंच गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 अंकों के स्तर में 487 तक पहुंच गया. यह इस बात का संकेत है कि प्रदूषण की स्थिति 'गंभीर' है जो सेहतमंद लोगों को भी प्रभावित कर सकती है तथा बीमार लोगों पर 'गंभीर प्रभाव' डाल सकती है. दिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी विभाग बैठक में लिए गए निर्णयों पर सही भावना के साथ काम करने का आदेश दिया है.


दिल्ली में वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत विचार विमर्श करने के बाद जारी किए गए ये 14 निर्देश 
  1. दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) को अगले आदेश तक बंद करें. यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और दिल्ली नगर निगम इसको लागू करेंगे.
  2. शहर में कोई भी सिविल निर्माण गतिविधियां अगले आदेश तक नहीं की जाएगी। नगर निगम, डीपीसीसी और सभी निर्माण एजेंसियां यह लागू करेंगी.
  3. डीटीसी और परिवहन विभाग सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में तेजी लाएंगे.
  4. डीएमआरसी, दिल्ली मैट्रो अपने फेरे बढ़ाएगा.
  5. नगर निगम और लोक निर्माण विभाग मैकेनिकल रोड़ स्वीपिंग और पानी के छिड़काव में तेजी लाएगा.
  6. नगर निगम, डीडीए और डीएमआरसी अपने पार्किंग फीस चार गुना बढ़ाएगा.
  7. नगर निगम होटल और भोजनालयों में फायर वुड और कोयले को जलाने पर रोक लगाएगा.
  8. नगर निगम, डीपीसीसी और उद्योग विभाग पेटकाक और फरनेस आयल पर सख्ती से रोक लगाएगा.
  9. डीपीसीसी, एसडीएमस, नगर निगम और उद्योग विभाग इलैक्ट्रीसिटी जरनेटर पर रोक लगाएगा.
  10. ट्रैफिक पुलिस सभी हाट स्पौटों पर ट्रैफिक प्रबंधन में तेजी लाएगा और यातायात की सुगमता के लिए ट्रैफिक पुलिस की अधिकतम तैनाती करेगा.
  11. नगर निगम, डीडीए और एसडीएम खुले में आग लगाने को रोकने का उपाय करेगा.
  12. नगर निगम, डीपीसीसी और लोक निर्माण विभाग सभी उन निर्माण एजेंसियों पर दंड लगाएगा जहां धूल नियंत्रण के उपाय अपर्याप्त हैं.
  13. शिक्षा विभाग सभी अभिवाकों के लिए अपील जारी करेगा जिसमें बच्चों के द्वारा बाहरी गतिविधियां को रोका जाए.
  14. परिवहन विभाग आड-इवन योजना को शुरू करने की तैयारी करें.


दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सभी विभागों को उपरोक्त निर्णयों को जल्द लागू करने के निर्देश दिए. उच्चतम न्यायालय से अधिकार प्राप्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) की ओर से घोषित कदमों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. उसने व्यस्त अवधि के दौरान मेट्रो किराये में कमी करने और पार्किग की दर बढ़ाने जैसे कदमों का भी ऐलान किया जा चुका है. 

दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने कहा कि मेट्रो के फेरे बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन उसने किराये कम करने के संदर्भ में कुछ नहीं कहा. नगर निगमों ने भी पार्किंग का शुल्क करने के बारे में कोई घोषणा नहीं की है. बहरहाल, ईपीसीए ने कल स्पष्ट किया था कि उसके आदेश कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों की ओर से जारी किए जाने के बाद ये प्रभावी हो जाएंगे.

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