बनारस ने बेटियों के लिए 478 साल पुरानी परंपरा तोड़ दीः अनुष्का शर्मा - .

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Thursday, 3 August 2017

बनारस ने बेटियों के लिए 478 साल पुरानी परंपरा तोड़ दीः अनुष्का शर्मा

anushka sharma is happy for women wrestling in varanasi 
फिल्म ‘सुल्तान’ में दमदार पहलवानी कर दर्शकों का दिल जीतने वाली अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने बनारस में 478 साल पुरानी परंपरा तोड़ कर लड़कियों के लिए अखाड़े की शुरुआत को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
उन्होंने कहा, ‘लड़कियों के लिए अखाड़ा शुरू होना बहुत ही अच्छा कदम है। मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं। फिल्मों का सकारात्मक असर पड़ रहा है। यह लड़के-लड़की को लेकर समाज की मानसिकता में आ रहे बदलाव को दर्शाता है।’

गौरतलब है कि नाग पंचमी पर काशी के गोस्वामी तुलसीदास अखाड़े में पहली बार महिला पहलवानों ने जोर-आजमाइश की थी। फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के प्रचार के लिए यहां आईं अनुष्का शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि लड़की हो या लड़का, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

लड़कियां जो चाहें, उसे उन्हें करने का मौका मिलना चाहिए। फिल्म निर्माण में तो लड़कियों को काफी काम मिल ही रहा है, सेना में भी लड़कियां आगे बढ़ रही हैं। बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद के सवाल पर अनुष्का ने माना कि यह एक सच्चाई है लेकिन टैलेंटेड लोगों को आगे आने का अवसर मिल ही जाता है। शाहरुख और वह खुद इसका उदाहरण हैं।

फिल्म में अनुष्का गुजराती लड़की सेजल का किरदार निभा रही हैं।  अनुष्का ने बताया कि गुजराती सीखने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन सैन्य परिवार की होने के कारण वह इसे जल्दी सीख गईं। बताया कि पिता जी सेना में थे।

देश के कई हिस्सों में जाने का मौका मिला। सेना के जवान अलग-अलग जगह के होते थे। उनसे भी बहुत कुछ सीखा। इसी वजह से मैं चीजों को बहुत जल्दी ग्रहण कर लेती हूं। बताया कि फिल्म में सेजल बहुत अटपटी लड़की है। दिल की साफ है। जो चाहती है बोल देती है। उसमें बहुत ज्यादा आत्मविश्वास है।

हालांकि उसे दुनियादारी की समझ नहीं है। जब वह हैरी यानी शाहरुख के साथ यूरोप जाती है. खुद को डिस्कवर करती है। फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली के बारे में अनुष्का ने कहा कि उनकी संबंधों और प्यार को लेकर समझ बहुत अलग है।

वह फिल्म में प्यार को भी इस तरह से पेश करते हैं वह काफी अलग दिखता है। उन्होंने बताया कि मैं फिल्में भी बना रही हूं। आगे चलकर बाहुबली जैसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्में भी बनाऊंगी।

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