CBSE का फैसला- एक ही दिन दो शिफ्ट में होगी 10वीं-12वीं की परीक्षा - .

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Monday, 17 July 2017

CBSE का फैसला- एक ही दिन दो शिफ्ट में होगी 10वीं-12वीं की परीक्षा




केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE बोर्ड 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को एक साथ शुरू करने की प्लानिंग कर रहा है. जिसमें दोनों कक्षाओं की परीक्षा को एक ही दिन में दो शिफ्ट में बांटा जाएगा.
वहीं ये प्लानिंग इसलिए की जा रही है जिससे परीक्षा का समय घट जाए साथ ही एग्जामिनर को स्टूडेंट्स की आंसरशीट चेक करने के लिए अधिक समय मिल जाए. नई दिल्ली समेत बड़े शहरों के टॉप स्कूलों के प्रिंसिपलों ने मिलकर ये योजना तैयार की है.
भारत में CBSE की 18 हजार से ज्यादा संस्थाएं हैं, जो 10वीं और 12वीं की परीक्षा का आयोजन मार्च के महीने में करती हैं. वहीं 2017 में हुई बोर्ड की परीक्षा विधानसभा चुनाव के चलते देरी से शुरू की गई थी. अलग-अलग टाइम टेबल होने की वजह से परीक्षाएं 45 दिनों तक चली.
किसी को नहीं पता कि ये सब कब शुरू हुआ. लेकिन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक छात्र को भारतीय छात्रों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है. ये सब तब हुआ जब इस छात्र ने IIT-JEE के एग्जाम को 100 फीसदी हल कर दिया.
इस छात्र का नाम है जैस फ्रेजर. ये छात्र यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में तीसरे साल में है और MPhys Integrated मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा है. इस छात्र ने मजे-मजे में एक वेबसाइट पर आईआईटी-जेईई का क्वेश्चन पेपर सॉल् कर दिया. बस फिर क्या था, इसके साथ पढ़ने वाले और बाकी देशों से भारतीय छात्रों ने इसे परेशान करना आरंभ कर दिया.
जैक ने इसे Quora पर सॉल् किया था. ये सब इस तरह के प्रश्नों से शुरू हुआ जिसमें लोग जैक से पूछ रहे थे, 'क्या तुमने JEE का पेपर सॉल् कर दिया है?' 'पेपर सॉल् करने में तुम्हें कितना समय लगा?'. 'क्या तुम कोई किताब लिख रहे हो?'. 
जैक ने इन सवालों के जवाब भी दिए पर लोगों को यकीन नहीं आया कि बिना कोचिंग के जेक ने ये कमाल किया कैसे. हमारे देश में तो जेइई के लिए बच्चे सालों साल कोचिंग लेते हैं.
अब लोग उन्हें झूठा कहने लगे. पर जैक ने बताया कि जेइई उनके लिए इसलिए आसान रहा क्योंकि वे जो पढ़ाई कर रहे हैं वह जेईई से काफी कठिन है.
तमाम सफाई के बावजूद भी अब लोग फ्रेजर को Quora पर परेशान कर रहे हैं, कुछ ने तो उनका फेसबुक प्रोफाइल भी खोज निकाला है और वहां उनके परिवार के लोगों को भी.
फ्रेजर ने बताया कि उनके मैसेज रिक्वेस् बॉक् में काफी सारे मैसेज ऐसे हैं जो गाली-गलौच से भरे हैं. एक  लड़के ने तो फ्रेजर के हॉस्टल रूम का फोटो शेयर करके लिखा है कि वो जानता है कि फ्रेजर कहां रहते हैं और अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना होगा.
तंग आकर फ्रेजर ने Quora पर लिख दिया है कि वे अब JEE  से जड़े किसी सवाल का जवाब नहीं देंगे. बता दें कि हमारे देश में छात्र स्कूल के दिनों से ही जेईई की तैयारी करते हैं.
IIT (भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित संस्थान सुपर-30 के सभी 30 विद्यार्थियों ने इस वर्ष IIT संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में सफलता पाई है. रविवार को जेईई क् रिजल्ट आने के बाद सुपर-30 के संस्थापक और मैथ के शिक्षक आनंद कुमार ने कहा है कि अब सुपर-30 का आकार और भी बड़ा किया जाएगा.

नतीजों के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आनंद कुमार ने कहा, "यह बच्चों की निरंतर मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है. अब समय गया है, जब सुपर 30 के आकार को और व्यापक किया जाए." आनंद कुमार ने बताया कि इस वर्ष सफल विद्यार्थियों में अधिकांश बच्चे दैनिक मजदूर, सीमांत किसान और प्रवासी मजदूरों के बच्चे हैं. ये सभी विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा पास कर चुके हैं.

आनंद ने कहा कि सुपर 30 में नामांकन के लिए इस वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसकी जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी.

सुपर-30 पिछले 15 वर्षो से बच्चों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने में जुटा है. इस संस्थान से अब तक कुल 396 छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता पा चुके हैं.

संस्थान गरीब परिवारों के 30 बच्चों का चयन करता है और उन्हें मुफ्त कोचिंग, भोजन और रहने की सुविधा देता है. ताकि वे अपना ध्यान केवल आईआईटी-जेईई में सफल होने पर केंद्रित कर सकें.

आईआईटी की तैयारी के कार्य में आनंद का पूरा परिवार उनका साथ देता है. उनकी मां घर में स्वयं सभी 30 बच्चों के लिए खाना बनाती हैं और उनके भाई प्रणव बच्चों को आईआईटी की तैयारी करवाते हैं. इस कार्य के लिए आनंद देश-विदेशों में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं.

आनंद कुमार का दावा है कि इस कार्य के लिए अब तक उन्होंने किसी प्रकार का अनुदान नहीं लिया है.
IIT Kanpur ने 60 छात्रों को उनके खराब प्रदर्शन के कारण कॉलेज से निकाल दिया गया है. कई वार्निंग देने के बावजूद उनके विषयों में प्रदर्शन में सुधार होने के कारण यह कदम उठाया गया.
IIT Kanpur एकेडमिक्स के डीन  डॉ. नीरज मिश्रा ने बताया कि कॉलेज से किसी को निष्कासित किया जाना एक सामान्य और वैध अभ्यास है. कमजोर छात्रों को उनका प्रदर्शन सुधारने का मौका दिया जाता है. प्रदर्शन सुधारने में अगर वो असमर्थ हैं तो फिर उनके खिलाफ कदम उठाया जाता है.
काॅलेज से निष्कासि 60 छात्रों में 46 अंडरग्रेजुएट, 8 पोस्ट ग्रेजुएट और 6 रिसर्च स्कॉलर्स हैंइनमें से कुछ फाइनल ईयर में हैं.
हालांकि छात्रों को मर्सी अपील का मौका भी दिया गया था, पर बहुत ज्यादा कमजोर छात्रों को मर्सी अपील पर राहत नहीं दी गई.
इंस्टीट्यूट ने निष्कासित छात्रों के माता-पिता को भी छात्रों के निष्कासन के बारे में सूचना दे दी गई है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अपने निष्कासन से मायूस छात्रा कोई चरम कदम उठाएं.

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