[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

अब मोबाइल में रखें अपना आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया एमआधार ऐप

अब मोबाइल में रखें अपना आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया एमआधार ऐप 
सरकार ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए mAadhaar ऐप लॉन्च किया है. यह ऐप एंड्रॉएड प्लेटफॉर्म पर चलेगा. ऐप डाउनलोड के बाद यूजर्स को पेपर-फॉर्मेट में 'आधार कार्ड' कैरी करने की जरूरत नहीं होगी. इस ऐप को UIDAI (यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने बनाया है. ऐप में यूजर्स नेम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर और एड्रेस के साथ फोटोग्राफ और आधार नंबर लिंक होगा.  
गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें ऐप
इस mAadhaar को आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि जल्द ही इस ऐप को एपल iOS वर्जन पर भी लॉन्च किया जाएगा. इस ऐप को यूज करने के लिए यूजर्स को रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है. अगर नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो करीबी आधार एनरोलमेंट सेंटर में जाकर यूजर्स रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.
मोबाइल में कैरी करें अपना आधार कार्ड
पर्सनल डाटा सुरक्षित रहे इसके लिए ऐप में बायोमैट्रिक लॉकिंग और अनलॉकिंग सिस्टम दिया गया है. ऐप में TOTP सिस्टम दिया गया है. इसके जरिए ऑटोमैटिकली टेम्परेरी पासवर्ड जनरेट होगा. इस ऐप के जरिए यूजर्स अपना प्रोफाइल भी अपडेट कर सकेंगे. इस ऐप के बाद अब यूजर्स को आधार कार्ड की हार्ड कॉपी अपने साथ रखने की जरूरत नहीं होगी.

एमआधार ऐप हुआ लॉन्च, ऐसे करता है काम

डिजिटल इंडिया की पहल को आगे बढ़ाते हुए यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIADI) ने mAadhar नाम का एक ऐप लॉन्च किया है.
आधार से लिंक इस ऐप में नाम, जन्मतिथि, लिंग और पते के साथ-साथ यूजर का फोटोग्राफ भी होगा. यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. आधार के ट्विटर अकाउंट से कहा गया है कि सभी लोग इस ऐप को अपने फोन में रखें.
हालांकि फिलहाल ऐप का बीटा वर्जन है और अभी ऐप की सारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.
इस ऐप में बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक फीचर उपलब्ध है, जिससे इसमें रखा डेटा एकदम सुरक्षित रहेगा. हालांकि इस लॉक को यूजर द्वारा हटाया भी जा सकता है. इस ऐप में टाइम बेस्ट वन टाइम पासवर्ड (TOTP) सिस्टम है जो पारंपरिक एसएमएस-बेस्ड ओटीपी से अलग है. एमआधार ऐप के इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है.
साथ ही इस ऐप में ईकेवाईसी डेटा भी उपलब्ध होगा, जिसे QR कोड और पासवर्ड से सुरक्षित किया जा सकेगा.

 


About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search