[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

आलू का छिलका खाने से दूर हो जाएंगी ये 5 बीमारियां

आलू का छिलका खाने से दूर हो जाएंगी ये 5 बीमारियां 

स्वाद और सेहत के लिए आप आलू तो खाते ही होंगे लेकिन क्या आपने कभी आलू का छिलका खाने के बारे में सोचा है? अगर अब तक नहीं सोचा है तो अब सोचिए.
ज्यादातर घरों में आलू को छिलने के बाद छिलके को कूड़े मे फेंक दिया जाता है. लेकिन अगर आप आम के आम और गुठलियों के दाम वसूलना चाहते हैं तो आलू के साथ ही उसके छिलके को भी यूज करना शुरू कर दें.
जितनी बार भी आपके घर में आलू की सब्जी बने, छिलके को कंज्यूम करें. आलू के छिलके को अलग-अलग तरह से यूज करके आप बहुत सी बीमारियों से सेफ रह सकते हैं और मेडिसिन का खर्च भी बचा सकते हैं.
आप सोच रहे होंगे कि आलू के छिलकों को कंज्यूम कैसे किया जाए. आलू के छिलकों को उबालकर कंज्यूम किया जा सकता है.
आपने अगर अब तक ये ट्राई नहीं किया है तो आपको बता दें कि आलू के छिलके खाने में बुरे नहीं लगते और इनका अरोमा भी काफी अच्छा होता है. अब जानते हैं आलू के छिलके को खाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं..
1. ब्लड प्रेशर को रेग्युलेट करने के लिए
आलू में अच्छी-खासी मात्रा में पोटैशि‍यम पाया जाता है. पोटैशियम ब्लड प्रेशर को रेग्युलेट करने में हेल्प करता है.
2. मेटाबॉलिज्म के लिए भी अच्छे हैं छिलके
आलू के छिलके मेटाबॉलिज्म को भी सही रखने में मददगार हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो आलू के छिलके खाने से नर्व्स को मजबूती मिलती है.
3. एनीमिया से सेफ रखने में
अगर आप आयरन की कमी से जूझ रहे हैं तो बाकी सब्ज‍ियों के साथ आलू के छिलके खाना बहुत फायदेमंद रहेगा. आलू के छिलके में आयरन की अच्छी मात्रा होती है जिससे एनीमिया होने का खतरा कम हो जाता है.
4. आलू के छिलके खाने से आती है ताकत
आलू के छिलके में भरपूर मात्रा में विटामिन बी3 पाया जाता है. विटामिन बी3 ताकत देने का काम करता है. इसके अलावा इसमें मौजूद नैसीन कार्बोज को एनर्जी में कंवर्ट करता है.
5. फाइबर से भरपूर
हमारी डाइट में फाइबर की कुछ मात्रा जरूर होनी चाहिए. एक ओर जहां आलू में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है वहीं इसके छिलके में भी अच्छी मात्रा में फाइबर्स होते हैं. ये डाइजेस्ट‍िव सिस्टम को भी बूस्ट करने का काम करता है.

 

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search