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कर्कराज मंदिर, उज्जैन।
उज्जैन/इंदौर.बुधवार को कई जगह पर अजीब खगोलीय घटना होगी, जो यह कहावत भी झुठला देगी कि इंसान का साया कभी साथ नहीं छोड़ता है। दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर कर्क रेखा से सीधे सूर्य गुजरेगा। इससे कुछ देर के लिए हमारी परछाई भी शून्य हो जाएगी। क्यों इंसान का साया छोड़ देता है साथ इस जगह...

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उज्जैन के कर्क रेखा पर स्थित होने से यह नजारा ज्यादा अच्छा दिखाई देता है। 10 से 30 सेकंड तक यह स्थिति रहेगी।
-खगोलीय घटना के कारण 21 जून को सूर्य अपने अधिकतम उत्तरी बिंदु कर्क रेखा पर होने से उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे बड़ा आैर रात सबसे छोटी होगी।
-बुधवार को दिन की अवधि 13 घंटे 34 मिनट की रहेगी। उज्जैन में सुबह 5:42 बजे सूर्योदय होगा आैर शाम 7:16 पर सूर्यास्त।
-रात सबसे छोटी रहेगी। रात की अवधि 10 घंटे 26 मिनट की होगी।
-21 जून के बाद सूर्य की दक्षिण की ओर गति शुरू होगी। इसे दक्षिणायन का प्रारंभ भी कहा जाता है।
-21 जून के बाद दिन की अवधि धीरे-धीरे कम होने लगेगी आैर 23 सितंबर को दिन रात की अवधि बराबर रहेगी।
इसलिए बनती ऐसी स्थिति
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शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिभ्रमण के कारण सूर्य 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क रेखा पर लंबवत होता है।
-कर्क रेखा की स्थिति 23 डिग्री 26 मिनट उत्तरी अक्षांश रेखा पर है। 21 जून को सूर्य की क्रांति 23 डिग्री 26 मिनट 4 सेकंड उत्तर होगी।
-उज्जैन कर्क रेखा के नजदीक स्थित है, जिससे 21 जून की दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर सूर्य की किरणें लंबवत होने के कारण परछाई शून्य हो जाएगी।
-उज्जैन के अलावा जिन स्थानों पर कर्क रेखा है, वहां भी यह नजारा दिखाई देगा। हालांकि खगोलीय घटना के कारण हर साल यह स्थिति बनती है।

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