कुंबले के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया कोच? 5 दावेदार और 5 चुनौतियां - .

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Wednesday, 21 June 2017

कुंबले के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया कोच? 5 दावेदार और 5 चुनौतियां

कुंबले के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया कोच? 5 दावेदार और 5 चुनौतियां

नई दिल्ली/लंदन. एक साल टीम इंडिया के कोच रहे अनिल कुंबले ने इस्तीफा दे दिया है। कुंबले ने कहा कि विराट कोहली को उनकी 'स्टाइल' नहीं पसंद थी, दोनों की पार्टनरशिप टिकाऊ नहीं थी। लिहाजा, उन्होंने सोचा कि उनके लिए लिए आगे बढ़ जाना ही ठीक है। दरअसल, टीम के चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए रवाना होने से पहले ही ये दूरियां दिखने लगी थीं। टीम के रवाना होने पर BCCI ने हेड कोच के लिए एप्लीकेशन भी मंगाई थीं। दावेदारों में 5 नाम हैं, जिनमें वीरेंद्र सहवाग का नाम भी है। चर्चा में नाम रवि शास्त्री का भी है, लेकिन उन्होंने इस पोस्ट के लिए अप्लाई नहीं किया है। भास्कर एक्सपर्ट अयाज मेमन के मुताबिक, कुंबले एपिसोड अब पीछे छूट जाएगा आैर सहवाग और टॉम मूडी में से किसी एक को लंबे समय की जिम्मेदारी मिलेगी। हम उन दावेदारों और उनकी चुनौतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने इस पोस्ट के लिए अप्लाई किया है। 5 चुनौतियां...
1# टीम का माहौल
कोहली ने कुंबले के काम करने के तरीके पर एडवाइजरी कमेटी के सामने एतराज जताया था। अपने इस्तीफा के कुंबले ने थैंक-यू लेटर में साफ शब्दों में कहा, "कोहली को मेरा स्टाइल पसंद नहीं था। मुझे लगा कि मेरा आगे बढ़ जाना ही ठीक है।" इंडियन क्रिकेट का ये ऐपिसोड साफ दिखाता है टीम में माहौल कैसा है। इसे ठीक करना नए कोच के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
अजय मेमन: कुंबले ने कहा कि अगर टीम का एक भी खिलाड़ी मेरे खिलाफ है तो मेरे कोच बने रहने का कोई मतलब नहीं है। कोहली की वजह से कुंबले को हटना पड़ रहा है।
सुनील गावस्कर:एक चैनल के सवाल पर सुनील गावस्कर ने कहा, "आप एक नर्मदिल कोच चाहते हैं। जो खिलाड़ियों से कहे.. ठीक है ब्वॉयज, आज आप प्रैक्टिस मत करो, छुट्टी करो, शॉपिंग पर जाओ क्योंकि आपको आज अच्छा नहीं लग रहा है।" गावस्कर ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी शिकायत करता है तो उसे टीम से बाहर रखना चाहिए।
2# कुंबले का सक्सेस रेट
मैचजीतेहारेड्रॉजीत %
टेस्ट17121470.59%
वनडे1385-61.54%
टी-20522140%
दूसरे अभी कहां पर
- टॉम मूडी मजबूत नजर आ रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की IPL में सक्सेज का क्रेडिट उन्हें जाता है। सहवाग बैट्समैन और कमेंटेटर अच्छे हैं। लेकिन, कोच कैसे रहेंगे, कहना मुश्किल है। रिचर्ड पाइबस, डोडा गणेश, लालचंद राजपूत की उम्मीद कम ही दिख रही है।
सुनील गावस्कर:एक प्लेयर के तौर पर कुंबले ने जो हासिल किया और एक कोच के तौर पर एक साल में उन्होंने जो देश के लिए किया, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
3# सुपरस्टार कल्चर
गुहा के आरोप: रामचंद्र गुहा ने COA से इस्तीफा देते वक्त क्रिकेट में सुपर स्टार कल्चर का जिक्र किया था। उन्होंने एक लेटर में वीटो पर भी सवाल उठाए थे। कहा था, "उनके (कुंबले) टेन्योर में टीम इंडिया का शानदार परफॉर्मेंस रहा है और उन्हें एक्सटेंशन मिलना चाहिए। अगर कोच बदलना था तो यह प्रक्रिया अप्रैल-मई में शुरू की जा सकती थी। इतने बड़े टूर्नामेंट (चैंपियंस ट्रॉफी) से पहले इसे सामने लाना ठीक नहीं है।"
क्या कहते हैं EXPERTS
अयाज मेमन:भारतीय क्रिकेट के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है, जब किसी कप्तान की जिद के सामने बीसीसीआई को झुकना पड़ा। ऐसा लग रहा है कि विराट का कद भारतीय क्रिकेट जगत में सबसे बड़ा हो गया है। अगर यह सच है तो यह घातक भी है।
4# 2019 का रोडमैप
- 2019 में ICC वर्ल्डकप होना है। इसके लिए टीम इंडिया को रोडमैप तैयार करना है। ये भी तय करना है कि अभी टीम में खेल रहे खिलाड़ियों में से कौन हैं, जो जगह बनाएंगे और किनके लिए ऑप्शन तलाशने होंगे।
राहुल द्रविड़: आईसीसी 2019 वर्ल्ड से पहले टीम को महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की जगह बेहतर विकल्प तलाशने होंगे। यह जरूरी नहीं कि युवराज और धोनी को टीम से बाहर किया जाए लेकिन विश्वकप से पहले उनके विकल्प तैयार किए जाना जरूरी है।
5# टीम कॉम्बिनेशन-नए प्लेयर्स
- चैंपियंस ट्रॉफी में 6 बल्लेबाज लेकर टीम खेली। 7वें पर ऑलराउंडर पांड्या थे। फाइनल में सभी बल्लेबाज फ्लॉप रहे और केवल पांड्या ही कुछ रन कर पाए। फाइनल में कपिल देव ने भी कमेंट्री के दौरान एक और बॉलर खिलाए जाने की बात पर जोर दिया था।
अजित आगरकर: चैंपियंस ट्रॉफी में भले ही धोनी और युवराज का प्रदर्शन संतोषजनक रहा हो लेकिन इन दोनों की मौजूदगी से टीम कॉम्बिनेशन में डिस्बैलेंस नजर आया। 6 बल्लेबाज इसलिए खिलाए गए, क्योंकि चौथे और पांचवें पर कोहली को भरोसा नहीं था।
राहुल द्रविड़:बोर्ड ने विंडीज दौरे पर मजबूत टीम को उतारा है। लेकिन इस दौरे के लिए प्लेइंग इलेवन में ऋषभ पंत आैर कुलदीप यादव जैसे नए खिलाड़ी के साथ एक्सपेरिमेंट किया जाना चाहिए। अभी नए खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया गया तो आगे वक्त नहीं मिलेगा।
ये हैं 5 दावेदार
1# वीरेंद्र सहवाग
ताकत: विराट कोहली और टीम के दूसरे खिलाड़ियों से अच्छे रिलेशन। दो बार की वर्ल्डकप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे। अब तक के बेस्ट ओपनर्स में से एक। BCCI में से कई लोगों का मानना है कि सहवाग तब तक इस पोस्ट के लिए अप्लाई ना करते, जब तक उन्हें ये न पता होता कि वो मजबूत कैंडिडेट हैं। उनका अप्लाई करना बताता है कि टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में सब सही नहीं है।
लेकिन: ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी की मौजूदगी से सहवाग की राह मुश्किल है, जो पिछले साल भी इस पोस्ट के लिए प्रेजेंटेशन दे चुके हैं। ये भी माना जा रहा है कि सहवाग बेहद ऊंची सैलरी की डिमांड कर सकते हैं। ऐसे में, दूसरे एप्लिकेंट्स के लिए चांस बढ़ जाएगा।
करियर
फॉर्मेटमैचरन100/50
टेस्ट104858623/32
वन-डे251827315/38
2# टॉम मूडी
मजबूती:
ऑलराउंडर होने के नाते बॉलिंग, बैटिंग और फील्डिंग का तजुर्बा। श्रीलंकाई टीम के कोच रह चुके हैं। अभी IPL में सनराइजर्स हैदराबाद के कोच हैं। इंडियन प्लेयर्स और यहां की कंडीशन्स से वाकिफ हैं। एक बार पहले भी इस पोस्ट के लिए प्रेजेंटेशन दे चुके हैं। दो बार की वर्ल्ड कप विनर ऑस्ट्रेलियाई टीम का अहम हिस्सा थे।

लेकिन: सहवाग और दूसरे भारतीय कैंडिडेट्स की मौजूदगी से मूडी की दावेदारी कमजोर कर सकती है। इंडियन टीम-इंडियन कोच फॉर्मूला में फिट नहीं बैठते हैं।
करियर
फॉर्मेटमैचरन100/50विकेटइकोनॉमी
टेस्ट84562/322.04
वन-डे7612110/10524.32
3# रिचर्ड पाइबस
मजबूती:दो बार पाकिस्तान की टीम के कोच रह चुके हैं। इसके अलावा, क्रिकेट के रणनीतिकारों के तौर पर उनका काफी नाम है।
लेकिन:इंग्लैंड के इस क्रिकेटर ने कभी वन-डे या टेस्ट मैच भी नहीं खेला है।
करियर
फॉर्मेटमैचरन100/50
फर्स्ट क्लास140/0
4# लालचंद राजपूत
मजबूती: इंजमाम के बाद अफगानिस्तान की टीम के कोच बने। 2007 में टी-20 वर्ल्डकप जीतने वाली टीम इंडिया के मैनेजर थे। इसके अलावा, अंडर-19 टीम के कोच रह चुके हैं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट पर भी रह चुके हैं।
लेकिन...जिस तरह से कुंबले ने कोच की पोस्ट छोड़ी। ऐसे में कोहली के साथ कैमेस्ट्री बैठाना चुनौती।
करियर
फॉर्मेटमैचरन100/50
टेस्ट21050/1
वन-डे490/0
5# डोडा गणेश
मजबूती...विकेटकीपर और ओपनर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन इंटरनेशनल मैच में डेब्यू बॉलर के तौर पर हुआ।
लेकिन...इकलौता कोचिंग एक्सपीरियंस गोवा की टीम के कोच के तौर पर है। बॉलिंग कोच के तौर पर विचार हो सकता है, लेकिन अगर जहीर कभी भी राजी हुए तो BCCI उन्हें बॉलिंग कोच के तौर पर चुनेगी।
करियर
फॉर्मेटमैचविकेटइकोनॉमी
टेस्ट453.37
वन-डे114.00

 

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