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मर्डर, सुसाइड और रेप की Live स्ट्रीमिंग रोकने में fail फेसबुक


मुंबई: सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक अपने लाइव वीडियो फीचर की वजह से लगातार विवादों में है. हफ्ते भर में तीन ऐसी घटनाए हुई हैं जिससे फेसबुक लाइव वीडियो पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि इससे पहले भी ऐसा हुआ है, लेकिन हाल की इस घटनाओं ने फेसबुक पर दबाव डाला है.
हाल ही में 74 साल के बुजुर्ग रॉबर्ट गॉडविन को फेसबुक लाइव पर गोलियों से भून दिया गया. इस घटना के बाद थाइलेंड के एक पिता ने अपनी 11 महीने की बेटी को मार डाला और इसे फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम किया. इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली. ये दो दर्दनाक घटनाओं के बाद एक बार फिर से अल्बामा में एक शख्स ने फेसबुक पर लाइव वीडियो में सुसाइड कर लिया. टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 49 साल के शख्स ने फेसबुक लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए बंदूक से खुद को उड़ा लिया. यह वीडियो जबतक हटाया जाता उससे पहले हजारों लोगों ने इसे देखा और फेसबुक पर शेयर भी किया. इससे पहले के दोनों दर्दनाक वीडियोज उनके फेसबुक प्रोफाइल पर लगभग 24 घंटे तक रहे. इतना ही नहीं इसे 4 लाख बार देखा गया. इसके पहले भी फेसबुक लाइव वीडियो के गलत यूज की खबरे आती रही हैं. इस साल के शुरुआत में स्वीडन में गैंगरेप के वीडियो को फेसबुक लाइव के जरिए ब्रॉडकास्ट किया गया. गौरतलब है कि फेसबुक लाइव किसी भी यूजर को अपने स्मार्टफोन से डायरेक्ट वीडियो ब्रॉडकास्ट करने का ऑप्शन देता है. सिएटल यूनिवर्सिटी के क्रिमिनल जस्टिस डिपार्टमेंट हेड जैकलीन हेलफ्गॉट का मानना है कि धीरे धीरे यह समस्या गहराती जा रही है. सोशल मीडिया क्रिमिनल्स को उनके घिनौने कामों को फैलाने का काम कर रहा है और इसकी पहुच ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हो रही है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की सारा टी रॉबर्ट्स जो कमर्शियल कंटेंट मोडरेशन में महिर हैं, उन्होंने द गार्डियन से कहा है, ‘अगर फेसबुक इस पर लगाम नहीं लगा सकता तो मुझे नहीं लगता नए टूल्स इस समस्या का समाधान करेंगेरॉबर्ट ने आगे कहा है, ‘ये ऐसे क्षण हैं जिसके बाद ज्यादातर सोशल आलोचक, पत्रकार और पॉलिसी मेकर लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग लाइव मर्डर और ऐसी घटनाओं को ऐड्रेस करें और इस पर कुछ कड़े कदम उठाएं. लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं दिख रहा हैहालांकि पिछले समय से फेसबुक ने लाइव वीडियोज से वॉयलेंस वाले कंटेंट हटाने के लिए कई मानक तय किए हैं. इसके लिए नए ऐल्गोरिद्म से लेकर केंटेंट फिल्टिरिंग की भी तैयारी है, लेकिन अभी तक फेसबुक ऐसे वीडियो को तत्काल हटाने में नाकामयाब दिख रहा है. फेसबुक ने ऐसे वीडियोज को जल्द हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेगा. उम्मीद की गई कि फेसबुक अपने डेवेलपर कॉन्फ्रेंस F8 में इसका आधिकारिक ऐलान करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मर्डर और रेप के अलावा फेसबुक पर बाल शोषण की तस्वीरें और दर्जनों ऐसे वीडियोज जिसमें वॉयलेंस वाले कंटेंट को दूसरे तरीके से फैलाया जा रहा है. हाल ही टाइम्स में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक बाल शोषण की तस्वीरें हटाने में नाकामयाब होने की वजह से फेसबुक पर ब्रिटेन में मुकदमा चल सकता है. फेसबुक ने पहले लाइव वीडियोज का फीचर सिर्फ सेलिब्रिटीज के लिए ही रखा था. लेकिन यह पॉपुलर हुआ और अब यह सबके लिए उपलब्ध है. यह फेसबुक के सबसे बेहतरीन और अत्याधुनिक फीचर में से एक माना गया, लेकिन अब यही फीचर कंपनी के लिए परेशानी का सबब बन रहा है. देखना होगा कंपनी इसे किस तरह से पार पाती है. क्या फिर से इसे सिर्फ कुछ लोगों के लिए लिमिट किया जाएगा या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐस कंटेंट को तत्काल रोक पाएंगे? साभार aaj tak

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