आडवाणी, जोशी, उमा पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज - .

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Tuesday, 18 April 2017

आडवाणी, जोशी, उमा पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक अहम सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह समेत 13 लोगों पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चले या नहीं? साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि रायबरेली और लखनऊ में चल रहे दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ लखनऊ की अदालत में की जाए या नहीं?
छह अप्रैल को आदेश सुरक्षित रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ”हम इस मामले में इंसाफ करना चाहते हैं. एक ऐसा मामला जो 17 सालों से सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी की वजह से रुका है. इसके लिए हम संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल कर आडवाणी, जोशी समेत सभी पर आपराधिक साजिश की धारा के तहत ट्रायल फिर से चलाने का आदेश दे सकते हैं. साथ ही मामले को रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर कर सकते हैं. 25 साल से मामला लटका पड़ा है, हम डे-टू-डे सुनवाई करके दो साल में सुनवाई पूरी कर सकते हैं. सन 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महज टेक्निकल ग्राउंड पर इनको राहत नहीं दी जा सकती और इनके खिलाफ साजिश का ट्रायल चलना चाहिए. बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में दो अलग-अलग अदालतों में चल रही सुनवाई एक जगह क्यों न हो? कोर्ट ने पूछा था कि रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई को क्यों न लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाए, जहां कारसेवकों से जुड़े एक मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है. वहीं लालकृष्ण आडवाणी की ओर से इसका विरोध किया गया. कहा गया कि इस मामले में 183 गवाहों को फिर से बुलाना पड़ेगा जो काफी मुश्किल है. कोर्ट को साजिश के मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश नहीं देने चाहिए. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश का ट्रायल चलना चाहिए. सीबीआई ने कहा रायबरेली के कोर्ट में चल रहे मामले का भी लखनऊ की स्पेशल कोर्ट के साथ ज्वाइंट ट्रायल होना चाहिए. इलाहाबाद हाईकोर्ट के साजिश की धारा को हटाने के फैसले को रद्द किया जाए. साभार NDTV

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