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मोदी-शाह से आज मिलेंगी महबूबा


नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में जारी हिंसा और भाजपा-पीडीपी गठबंधन में बढ़ रही खटास के बीच जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन की चर्चा गरमा गई है। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की रविवार को दिल्ली की यात्रा से राजनीतिक हलकों में हलचल है। माना जा रहा है कि रविवार को महबूबा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ होने वाली मुलाकात में कुछ ठोस फैसला हो सकता है।
हिंसा और पत्थरबाजों से निपटने में राज्य और केंद्र सरकार के नजरिये के बढ़ते फासले को दोनों पक्ष गंभीर राजनीतिक संकट के तौर पर देख रहे हैं। शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक 19 अप्रैल को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में राज्य के हालात और गठबंधन में तेजी के पनप रहे तनाव के निपटारे पर चर्चा हुई। साथ ही राज्य में राज्यपाल शासन के नफा-नुकसान का भी आकलन किया गया। सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा की राज्य इकाई की तनातनी पर आलाकमान की सीधी नजर है। उधर, भाजपा महासचिव और कश्मीर मामले के प्वाइंट पर्सन माने जाने वाले राम माधव भी लगातार संपर्क में हैं। सूत्रों ने बताया कि 19 अप्रैल की कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत के साथ अलग से बैठक कर कश्मीर के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि केंद्र अलगाववादियों और उपद्रवकारियों पर सख्ती कम करने के पक्ष में नहीं है। जबकि राजनीतिक मजबूरी के चलते महबूबा को केंद्र की यह रणनीति रास नहीं आ रही। चर्चा यह भी है कि दोनों पक्ष कोई बीच का फार्मूला निकालने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार को सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री कामकाज के आकलन के लिए दिल्ली में इकट्ठा हो रहे हैं। पीडीपी इस बात से खासी नाराज है कि एमएलसी चुनाव में जम्मू की सुरक्षित सीट पर भी वह हार गई। क्रॉस वोटिंग कराकर भाजपा ने पीडीपी से यह सीट झटक ली। विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की ओर से भी गठबंधन को लेकर हमले किए जाने लगे। एमएलसी चुनाव में हार के चलते पीडीपी ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया। उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा के पत्थरबाजों से गोली से निपटने और घाटी में पत्थरबाज को सेना की गाड़ी में बांधकर घुमाए जाने पर युद्ध और प्यार में सब जायज संबंधी राम माधव के बयान ने आग में घी का काम किया। तिलमिलाई पीडीपी ने कठुआ में मेधावी छात्राओं के स्कूटी वितरण कार्यक्रम का भी बहिष्कार कर दिया। राम माधव ने शुक्रवार को जम्मू दौरे के दौरान सहयोगी पार्टनर की नाराजगी दूर करने की कोशिश की, लेकिन अब भी मामला तल्ख है। गठबंधन में बढ़ी रार को लेकर राज्यपाल शासन लगाए जाने तथा महबूबा के इस्तीफा देने की चर्चाएं भी होने लगीं। इन चर्चाओं को राममाधव के राज्यपाल से मिलने के बाद और बल मिल गया। हालांकि, भाजपा ने इन सब चर्चाओं को खारिज किया है। डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह का कहना है कि दोनों दलों के बीच बेहतर समन्वय है। सब कुछ ठीक चल रहा है। सरकार का पूरा ध्यान विकास पर है।

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