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कुलभूषण जाधव के पास अपील करने के लिए 60 दिन


नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाए जाने पर भारत ने पाकिस्तान को चेताया है कि अगर सजा पर अमल किया गया तो द्विपक्षीय संबंधों पर इसका प्रभाव पड़ेगा. साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया कि वह जाधव को बचाने के लिए ‘परिपाटी से हटकर’ कदम उठाएगी. इस पर पाकिस्तान ने सफाई दी है कि जाधव के केस में तय कानूनी प्रक्रिया पर अमल हुआ है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की संसद में यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि कुलभूषण जाधव के पास इस सजा के खिलाफ अपील करने के लिए 60 दिन का वक्त है.
जाधव को फांसी दिए जाने के खिलाफ भारत द्वारा दी गई चेतावनी के जवाब में ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘हम अपने देश की रक्षा हर कीमत पर करेंगे.’ आसिफ ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने और जासूसी के आरोपी जाधव के मामले की सुनवाई पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई. उन्होंने कहा, ‘मामले की सुनवाई में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जो कानून के विरुद्ध हो. तीन महीने तक मामले पर सुनवाई चली.’ इससे पहले दिन में संसद के दोनों सदनों में दिए गए अपने बयान में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार और भारत के लोग इस घटना को काफी गंभीरता से ले रहे हैं, जिसमें बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए हुए पाकिस्तान में एक निर्दोष भारतीय नागरिक को मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, हमारे पास इस सजा को सुनियोजित हत्या का कृत्य मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. सुषमा ने कहा कि अगर इस मौत की सजा पर अमल होता है, तब द्विपक्षीय संबंधों पर इसके प्रभाव पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार न केवल ये सुनिश्चित करेगी कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सेवाएं जाधव के लिए सुनिश्चित की जाएं बल्कि, इस विषय को पाकिस्तान के राष्ट्रपति के समक्ष भी उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का वकील खड़ा करना तो बहुत छोटी बात है, हम लोग राष्ट्रपति तक से जो बात करनी है, करेंगे और किसी न किसी तरह से जाधव को बचाने का प्रयास करेंगे. सुषमा ने कहा इस पूरे मामले में उन्हें बचाने के लिए जो भी करना पड़ेगा, परिपाटी से हट करके (आउट ऑफ द वे) हमलोग करेंगे और आपको यह बता दूं कि जिस दिन ये घटना घटी है, उस दिन से लगातार मैं जाधव के परिजनों के संपर्क में हूं.’ विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मनगढंत आरोपों के आधार पर पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. जाधव ईरान में कारोबार करते थे और उन्हें वहां से अपहरण करके पाकिस्तान ले जाया गया। उन्होंने कहा कि वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं और तथ्यों का पता तब ही चल पाता जब हम उन्हें कौन्सुलर पहुंच मुहैया करा पाते। सुषमा ने कहा कि इस मामले में हमारा रूख पूरी तरह से स्पष्ट है और जाधव द्वारा कोई गलत कार्य करने का कोई सबूत नहीं है. वह एक ऐसी साजिश के शिकार हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान की ओर से ऐसे कार्यों के लिए भारत पर आक्षेप लगाकर अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने का प्रयास किया जा रहा है और जिस तरह से आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए वह (पाकिस्तान) खुद जाना जाता रहा है. उधर, कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने से भारत-पाक संबंधों में तनाव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसियों सहित सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है और पाकिस्तान का सैन्य बल पूरी तरह सक्षम है.

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