[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

यूपी सरकार दलितों के लिए 25 नए कोर्ट बनाने जा रही


लखनऊ: उप्र के सीएम योगी आदित्यनाथ की 50 बड़ी घोषणाओं के बाद मंगलवार को रामनवमी की छुट्टी के बावजूद योगी आदित्यनाथ सरकार की बहु प्रतीक्षित पहली कैबिनेट बैठक हो रही है। चर्चा यह भी है कि सरकार पिछली सरकार की कुछ योजनाओं के नाम बदलने का भी एलान कर सकती है। भाजपा ने चुनाव संकल्प-पत्र में सूबे के सभी लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण को माफ करने का वादा किया था। सत्ता संभालने के 17 वें दिन योगी सरकार के पहली कैबिनेट की बैठक हो रही है।सरकार के कई मंत्री स्पष्ट कर चुके हैं इसी बैठक में कर्जमाफी को मंजूरी दे दी जाएगी। प्रदेश में पिछले सरकार में नियुक्त महाधिवक्ता का इस्तीफा स्वीकार किया जा चुका है। अभी तक नए महाधिवक्ता की नियुक्ति नहीं हुई है। इस बैठक में नए महाधिवक्ता के नाम को भी मंजूरी मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर उप्र सरकार एससी-एसटी समुदाय के लोगों के साथ हुए अपराध के मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 25 नए कोर्ट बनाने जा रही है। यूपी सरकार के कानून विभाग ने इस प्रोजेक्ट को पहले से ही वरीयता में रखा है। इन अदालतों के निर्माण में लगभग 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, इसके साथ ही इसे राज्य सरकार के वित्त विभाग के पास जल्द भेज दिया जाएगा। इन 25 नई अदालतों के कामों को मैनेज करने के लिए सरकार 275 नई पोस्ट भी बनाने जा रही है। इन सभी पोस्ट के प्रमुख अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश होंगे। माना जा रहा है कि यूपी की सत्ता हासिल करने के बाद दलितों को एससी-एसटी एक्ट के तहत सुरक्षा देने वाली इन अदालतों के निर्माण के पीछे की वजह यूपी में दलित वोट बैंक बढ़ाने की है। उप्र विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी को मिली करारी हार के बाद बीजेपी यूपी में दलितों के बीच पार्टी की साख मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यही वजह है कि यूपी में बाबा साहब अंबेडकर की जयंती को समरसता दिवस के रूप में मनाने के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम कराने की योजना है। बीजेपी की स्टेट इकाई ने सेक्टर और बूथ लेवल समितियों को लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रति जागरुक करने के लिए कहा गया है। समरसता दिवस के मौके पर पार्टी एससी समुदाय के पार्टी नेताओं को भी सम्मानित करेगी। बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने एससी-एसटी समुदाय की यूपी में कुल 86 सीटों में से 70 से ज्यादा सीटों पर दर्ज की है। विधानभा चुनावों की प्रचंड जीत के बाद पार्टी की नजर 2019 के आम चुनाव पर है। इसीलिए यूपी में बीजेपी दलित समुदाय के बीच अपनी जमीन को और मजबूत करने की हरसंभव कोशिश में लगी हुई है।

About Author saloni

i am proffesniol blogger

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search