तेल की बढ़ रही कीमते उड़ानों को सस्ता बनाना में बन रही रोड़ा - .

Breaking

Monday, 13 March 2017

तेल की बढ़ रही कीमते उड़ानों को सस्ता बनाना में बन रही रोड़ा


नई दिल्ली: देश में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और स्वाभाविक रूप से इससे एयरलाइनों का कारोबार भी बढ़ रहा है. सरकार ने एक घंटे की उड़ान के लिए 2,500 रुपये (सभी कर शामिल) का किराया निश्चित किया है. इसका मकसद आम आदमी के लिए उड़ानों को सस्ता बनाना है. लेकिन तेल की कीमतें सरकार को इस मकसद में कामयाब होने में रोड़ा बन रही हैं. इसके बावजूद देश में हवाई यात्रियों की संख्या में 22 से 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
तेल की कीमतों में तेजी से लाभ पर असर होने के बावजूद देश में एयरलाइनों के कारोबार की दृष्टि से चालू वित्त वर्ष अब तक के सबसे अच्छे वर्षों में एक साबित होने जा रहा है. इस वर्ष यात्रियों की संख्या में 22-23 प्रतिशत की दर से वृद्धि चल रही है. रेटिंग एजेंसी इकरा के अनुसार ‘एयरलाइनों में सीटें अच्छी खासी भरकर चल रही हैं, पर चूंकि तेल की कीमतों में तेजी है इससे चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2017) के दौरान इनके लाभ पर असर पड़ना लाजमी लगता है. विमान ईंधन का भाव एक साल पहले की तुलना में 37.9 प्रतिशत ऊपर चल रहा है.’ एजेंसी इकरा के अनुसार एयरलाइनों का प्रति किमी उपलब्ध प्रति सीट (प्रति एएसकेएम) जनवरी में बढ़कर 1.16 रुपये हो गया जबकि एक साल पहले यह 82 पैसे था. इकरा का कहना है कि वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में एयरलाइनों की उड़ानों पर यात्री:सीट का अनुपात 84.4 प्रतिशत था. यह इस समय दुनिया के अन्य बड़े बाजारों में सबसे अच्छा यात्री भार अनुपात (पीएलएफ) है. जनवरी 2017 में यह अनुपात 88.3 प्रतिशत तक पहुंच गया था. भारत में एयरलाइनों में इस वित्त वर्ष के पहले दस महीनों में यात्री संख्या में वृद्धि 23.2 प्रतिशत रही और इस तरह यह साल यात्रियों की संख्या की दृष्टि से अब का एक सबसे अच्छा वर्ष साबित होने जा रहा है. जनवरी में यात्री संख्या की वृद्धि सालाना आधार पर 25.3 प्रतिशत रही जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में 8.8 प्रतिशत की औसत दर्जे की वृद्धि देखी गई. नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के मुताबिक सरकार की योजना अगले दो से तीन साल में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुना करने की है. इसका उद्देश्य उस घरेलू विमानन उद्योग को सेवाएं देना है जिनका अभी तक दोहन नहीं हो पाया है और जहां यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. सरकार उड़ान हवाई संपर्क योजना चलाने को 400 करोड़ रुपये जुटाएगी. लेकिन सरकार के प्रोत्साहन के बावजूद विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर एयरलाइंस के कारोबार पर पड़ रहा है.

No comments:

Post a Comment

Pages