अवैध खनन, व्यापमं, कुपोषण, खेती के मुद्दों पर अजय सिंह ने सरकार को घेरा - .

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Thursday, 2 March 2017

अवैध खनन, व्यापमं, कुपोषण, खेती के मुद्दों पर अजय सिंह ने सरकार को घेरा


भोपाल: विधानसभा में गुरुवार को अवैध खनन, व्यापमं, कुपोषण, खेती जैसों मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने पचमढ़ी में हाल ही में हुई भाजपा विधायकों की बैठक में चौहान के भाषण पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सलाह दी है कि सभी आर्थिक रूप से संपन्न बनें, लेकिन गाड़ी, मकान, दुकान न खरीदें। उनके इतना कहते ही भाजपा विधायकों ने सदन में हंगामा कर दिया। व्यापमं घोटाले पर बोले नेता प्रतिपक्ष
व्यापमं मामले में नेता प्रतिपक्ष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं चिंतित हैं कि कैसे बचें। उन्होंने कहा कि इस घोटाले से एक पूरी युवा पीढ़ी बर्बाद हो गई है। उच्चतम न्यायालय ने भी इस पर कठोर टिप्पणी की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग में महाराष्ट्र के एक ही गांव के 36 लोगों की भर्ती हो गई। नेता प्रतिपक्ष ने कृषि को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कृषि विकास दर 20 प्रतिशत बताई जाती है, लेकिन सकल घरेलू उत्पाद में यह विकास दर क्यों नहीं दिखाई देती। मध्य प्रदेश को सोयाबीन स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज कल सारे प्लांट बंद पड़े हैं। क्या हम अपनी पूंजी को खोकर कृषि को लाभ का धंधा बनाएंगे। अवैध उत्खनन का मामला उठाते हुए अजय सिंह ने कहा कि, भाजपा नेताओं के संरक्षण में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा है इसलिए मुख्यमंत्री के हाथ बंधे हैं। उन्होंने डंपर चेकिंग में मुख्यमंत्री के भतीजे के डंपर पकड़ाए जाने का दावा करते हुए कहा कि वह कहां से रेत ला रहा था। उसकी खदान को पर्यावरण की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि अवैध उत्खनन में पकड़े जाने वाले वाहनों को राजसात क्यों नहीं किया गया। अजय सिंह ने दावा किया कि प्रदेश की 586 खदानों में 450 खदानें शिवा कार्पोरेशन और दिव्यानी नामक दो कंपनियों के पास हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि अवैध खनन वालों को छोड़ो नहीं, तो वो छूट कैसे जाते हैं। उन्होंने चौहान से आग्रह किया कि वे घोषणा करें कि अवैध खनन नहीं होगा और यदि उनके परिवार को भी कोई व्यक्ति इसमें पकड़ा जाएगा तो उसे जेल भेज देंगे। सिंह ने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा कुपोषण है। हमारी विकास दर अच्छी है तो बच्चे भूखे क्यों हैं। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, दुष्कर्म आदि में भी प्रदेश को देश में नंबर एक बताया। उन्होंने अभिभाषण में सिंहस्थ पर एक भी शब्द नहीं होने पर अफसोस जताते हुए कहा कि करोड़ों रुपए की नर्मदा क्षिप्रा लिंक योजना के बाद भी क्षिप्रा का पानी प्रदूषित है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना का ठेका गुजरात की एक कंपनी को दिया गया था।

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