योगी के लाल बत्ती वाले फैसले को उमा भारती ने गलत बताया - .

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Monday, 20 March 2017

योगी के लाल बत्ती वाले फैसले को उमा भारती ने गलत बताया


भोपाल: यूपी की कमान संभालने के बाद सोमवार सुबह योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. दोपहर में सीएम ने सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद घोषणा हुई कि राज्य मंत्री लाल बत्ती का उपयोग नहीं करेंगे.
हालांकि भाजपा की फायर ब्रांड नेता और केंद्र में मंत्री उमा भारती ने इस फैसले को गलत बताया . उमा भारती ने कहा कि यह बिल्कुल गलत फैसला है. उन्होंने कहा कहा कि अगर कोई मंत्री अपने ड्यूटी पर जा रहा है तो लाल बत्ती भी होनी चाहिए और ट्रैफिक भी रोका जाना चाहिए. अगर इस वजह से हवाई जहाज भी 5-7 मिनट लेट हो तो कोई हर्ज नहीं है. लगभग तीन दशक के राजनीतिक जीवन में कई क्षेत्रों और प्रदेशों से चुनाव लड़ चुकीं साध्वी उमा भारती ने सोमवार को भोपाल में कहा कि हो सकता है, अगला चुनाव कर्नाटक या तामिलनाडु से लड़ने का उनका विचार बन जाए. मप्र की राजधानी में आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेने आईं केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से संवाददाताओं ने जब उनकी पहचान दो राज्यों- मप्र और उप्र के नेता के तौर पर होने की बात कही तो उन्होंने कहा, पिछला लोकसभा चुनाव हरिद्वार से लड़ने का प्रस्ताव आया तो मैं बहुत खुश थी, क्योंकि मप्र की मैं मुख्यमंत्री रही, उप्र की विधायक रही और अब उत्तराखंड से सांसद होने वाली हूं. हो सकता है अगला चुनाव कर्नाटक या तामिलनाडु से लड़ने का विचार बन जाए. उमा भारती से एक पत्रकार ने पूछा कि जब आपको दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तब आपने शिवराज सिंह चौहान को ‘बच्चा चोर’ कहा था. इस पर उन्होंने कहा, ‘शिवराज को मैंने कभी बच्चा चोर नहीं कहा, जिस नेता को कहा था वह अब दुनिया में नहीं हैं.’ उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों की अलग राज्य के मांग अब नहीं रही है, क्योंकि मप्र में भाजपा का शासन आने के बाद इस क्षेत्र का काफी विकास हुआ है. उमा भारती ने उप्र और उत्तराखंड में भाजपा को मिली जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में आंधी थी तो विधानसभा चुनाव में तूफान आया, अगर इस जीत का श्रेय कोई और लेना चाहे तो वह ठीक नहीं होगा. उन्होंने कहा, आम तौर पर देखा जाता है कि समय गुजरने के साथ किसी नेता को मिले जनसमर्थन में गिरावट आती है, मगर प्रधानमंत्री मोदी के मामले में चढ़ाव आया है. योगी आदित्यनाथ को पूर्वांचल में प्रभाव के चलते उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर उमा ने कहा कि योगी पूरे प्रदेश के नेता हैं और सब तरफ उनकी स्वीकार्यता है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उनका प्रभाव सिर्फ पूर्वांचल में है.योगी और उमा में कई मामलों के लेकर लगातार तुलना का दौर जारी है। दोनों में समानता तलाशी जा रही है, दोनों संन्यासी और भगवा वस्त्र धारी हैं, साथ ही सवाल भी उठ रहा है कि क्या योगी का कार्यकाल उमा भारती (लगभग एक वर्ष मप्र की मुख्यमंत्री) की तरह ही रहेगा? इसका जिक्र करते हुए उमा से जब पूछा गया कि क्या योगी उनसे सीख लेंगे, तो उमा ने कहा, “वो मुझ से ही सीख लेंगे, आप लोग चिंता मत करो, मैं उनके लिए प्रार्थना करूंगी.’गौरतलब है कि साल 1994 के हुबली दंगों के मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर वर्ष 2004 में उमा को मुख्यमंत्री को कुर्सी छोड़ना पड़ी थी. उसके बाद वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाईं. उन्होंने तब कुछ नेताओं पर तरह-तरह के आरोप भी लगाए थे.

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