बजट में 7वां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से देने का ऐलान - .

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Wednesday, 1 March 2017

बजट में 7वां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से देने का ऐलान


भोपाल: बजट में 7वां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से देने का ऐलान कर कर्मचारियों को खुश कर दिया। नए वेतनमान के बाद सबसे निचले दर्जे के कर्मचारी को हर माह 2 हजार 520 रुपए का फायदा मिलेगा। यह लगभग 15 फीसदी के आसपास है। अभी इन्हें 16 हजार 797 रुपए मिल रहे हैं। जुलाई के बाद न्यूनतम वेतन 19317 रुपए हो जाएगा। जुलाई की सैलरी 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगी। बजट के बाद वित्तमंत्री ने कहा कि पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा, लेकिन एरियर के लिए कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। इतना जरूर कहा कि इस पर और होमवर्क होना है। प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियांे का वेतन बढ़ने से सरकार के खजाने पर सालाना 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भार आएगा।
जुलाई से जीएसटी लागू करने का असर राज्य बजट में भी देखने को मिला। वित्तमंत्री ने खाद्य और उत्पादों पर लगने वाले वैट का जिक्र बजट में नहीं किया। सिर्फ छोटे शहरों में हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो को छोड़कर शेष जगहों पर एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाला वैट 4 से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया। ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो में एटीएफ पर वैट 4 फीसदी बरकरार रखा गया, जबकि भोपाल-इंदौर में एटीएफ पर वैट 4 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया। सरकार दावा कर रही है कि इससे 70 करोड़ रुपए राजस्व मिलेगा। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में इतना जरूर स्पष्ट कर दिया कि सीएसटी, एंट्री टैक्स, मप्र विलासिता, आमोद एवं विज्ञापन पर लगने वाले टैक्स में दी गई छूट को जीएसटी लागू होने तक जारी रखा जाएगा। पेट्रोल और डीजल से वैट कम करने से वित्तमंत्री जयंत मलैया ने मना कर दिया है। प्रदेश में पेट्रोल पर 31 प्रतिशत वैट और 4 रुपए एडिशनल टैक्स के रूप में वसूला जा रहा है। इसी तरह डीजल पर 27 प्रतिशत वैट और 1.50 रुपए एडिशनल टैक्स के लिया जा रहा है। राज्य कर के रूप में यह वसूली देश में सबसे ज्यादा है। यहां आय का बड़ा स्रोत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स हैं।

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