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गर्लफ्रेंड से पहले मां-बाप को भी मार चुका


भोपाल: भोपाल के साइको किलर उदय दास को लेकर पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उदय अपनी गर्लफ्रेंड आकांक्षा ही नहीं बल्कि अपने माता-पिता का भी कत्ल कर चुका है. आरोपी ने अपने माता-पिता की हत्या करने के बाद उनकी लाश घर के आंगन में ही गाड़ दी थी.
लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली गर्लफ्रेंड की हत्या के आरोपी उदय दास (32 वर्ष) ने शनिवार को पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने पुलिस को बताया कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में 2011 में माता-पिता की हत्या करने के बाद उसने उनकी लाश को घर के आंगन में ही दफना दिया था. जिसके बाद उदय ने रायपुर में शांति नगर स्थित अपना वह मकान बेच दिया. डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के अनुसार, आरोपी के कबूलनामे की तस्दीक के लिए एक टीम रायपुर भेजी जा रही है. उन्होंने कहा, फिलहाल माता-पिता के कत्ल की वजह अभी तक साफ नहीं है. उदय ने बताया कि उसके पिता वी.के. दास एक फोरमैन थे. वहीं उदय की मां विध्यांचल भवन में एनालिस्ट के पद से रिटायर हुई थीं. उदय ने बताया कि हर महीने उसकी मां की लगभग 30 हजार रुपये पेंशन आती है. उदय के माता-पिता का एमपी नगर स्थित फेडरल बैंक शाखा में ज्वाइंट अकाउंट है. वह हर महीने मां की पेंशन निकालता था. पुलिस ने आरोपी के नशेड़ी प्रवृत्ति के होने की भी बात कही है. गौरतलब है कि 14 जुलाई, 2016 की रात आकांक्षा और उदय का झगड़ा हुआ था. जिसके बाद 15 जुलाई, 2016 को उदय ने देर रात आकांक्षा का तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी. जब इतने से भी उसका दिल नहीं भरा तो उसने आकांक्षा का गला घोंट दिया. कत्ल करने के बाद उदय ने लाश को एक बॉक्स में रखकर उसमें सीमेंट और पानी डाल दिया. पुलिस की मानें तो उदय ने आकांक्षा की लाश को ठिकाने लगाने और चबूतरा बनाने में 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था. पुलिस ने बताया कि उदय को शव को बॉक्स में दफनाने का आइडिया इंग्लिश चैनल पर “वॉकिंग डेथ” नाम के सीरियल से मिला था. उदय अक्सर चबूतरे पर परफ्यूम भी छिड़कता था. साइको किलर उदय हर रोज उसी चबूतरे पर ही बिस्तर बिछाकर सोता था. बताते चलें कि पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की 28 साल की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता 24 जून, 2016 से लापता थी. देवेंद्र ने बांकुरा थाने में अपनी बेटी के अपहरण का मामला दर्ज करवाया था. उनको पता चला कि आकांक्षा किसी उदय दास नाम के लड़के के साथ भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में रह रही है. पिता की निशानदेही पर बांकुरा थाना पुलिस गोविंदपुरा पहुंची और भोपाल पुलिस की मदद से उदय दास को गिरफ्तार कर लिया.

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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