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मुख्यमंत्री ने बैहर में किया बैगा ओलंपिक का शुभारंभ


बालाघाट: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के कल्याण में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी। बैगा समाज के कल्याण के लिए हरसंभव मदद करेगी। बैगा दम्पत्ति परिवार नियोजन अपनाना चाहे, तो कलेक्टर की अनुमति के बगैर उनके नसबंदी आपरेशन नहीं किये जायेंगें। बैगा संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण के लिए बैगा ओलंपिक अगले वर्ष और भी व्यापक स्वरूप में किया जायेगा। मुख्यमंत्री संत रविदास जयंती के अवसर पर बालाघाट जिले के बैहर में तीन दिवसीय बैगा ओलंपिक का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री द्वारा बैहर में बैगा ओलंपिक के साथ ही तीन दिवसीय कृषि संगोष्ठी एवं स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया गया। किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा बिसेन, सांसद बोधसिंह भगत, विधायक केडी देशमुख, डॉ. योगेन्द्र निर्मल, नागरिक एवं बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के लोग उपस्थित थे। बैगा ओलंपिक में बालाघाट सहित मंडला, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर, सिवनी, शहडोल, राजनांदगांव एवं नागालैंड के 6 सदस्यों का दल शामिल हुआ है। तीन दिनों के बैगा ओलंपिक के दौरान बैगा जनजाति के पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है। चौहान ने बैहर खेल परिसर मैदान में ओलंपिक मशाल जलाकर बड़ादेव की पूजा कर और ध्वज फहरा कर बैगा ओलंपिक का शुभारंभ किया। उन्होंने बैगा खिलाड़ियों को शपथ दिलवायी कि वे अनुशासित रहकर खेल भावना के साथ अपना प्रदर्शन करेंगें। चौहान ने बैगा युवाओं की त्रिटंगी दौड़ एवं महिलाओं की मटका दौड़ का शुभारंभ भी करवाया। मुख्यमंत्री ने ओलंपिक के लिए जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह बैगा संस्कृति का अद्भुत संगम है। बैगा संस्कृति निरंतर आगे बढ़े और उसकी परंपराएँ संरक्षित रहें इसके लिए बैगा संस्कृति के आधार पर बैहर में संग्रहालय की स्थापना की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा जनजाति के बच्चे भी खुशहाल जीवन जी सके, इसके लिए चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बैगा जनजाति के पढ़े-लिखे युवाओं की सीधे भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्म-निर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 10 लाख से 2 करोड़ तक का ऋण दिया जायेगा। चौहान ने कहा कि मप्र की धरती पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जमीन का मालिक बनाया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के पास रहने लायक जमीन रहना चाहिए। मप्र देश का पहला राज्य होगा जो भूमिहीन व्यक्ति को जमीन देने के लिए पट्टा देने या सरकारी जमीन पर प्लाट काट कर देने का कानून बना रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास बनाने के लिए गरीब व्यक्तियों को एक लाख 50 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बैहर की पेयजल समस्या के लिए 10 करोड़ की और मलाजखंड पेयजल योजना के लिए 21 करोड़ 14 लाख की योजना को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका मलाजखंड में शामिल कर दिये गये ग्राम बोरीखेड़ा और एक अन्य ग्राम को नगर पालिका से वापस कर उन्हें फिर से ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा की। नगर पालिका मलाजखंड के लिए डेढ़ करोड़ से मोक्ष धाम बनाने, बालाघाट में हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ बनाने, बैहर में अपर कलेक्टर का पद विशेष रूप से स्वीकृत करने, सियारपाट के दोनों तालाब बनाने, बैहर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने एवं बैहर के कॉलेज में एमएससी की कक्षा अगले शिक्षण सत्र से प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ओलंपिक में आये सभी नर्तक दलों को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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