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वीके शशिकला बनेंगी तमिलनाडु की मुख्यमंत्री


चेन्नई: आखिरकार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद को लेकर बना हुआ सस्पेंस खत्म हुआ. AIADMK पार्टी ने वीके शशिकला को विधायक दल का नेता चुन लिया है. राज्य के सीएम ओ पन्नीरसेल्वम ने ही शशिकला का नाम सुझाया है. इसके साथ ही पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद से इस्तीफा भी दे दिया है. वहीं विरोधी पार्टी डीएमके ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि शशिकला , जिन्हें किसी तरह का प्रशासनिक या राजनीतिक अनुभव नहीं है, उन्हें सरकार की कमान कैसे थमाई जा सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा ‘उन्हें कोई अनुभव नहीं है. वह चुनी भी नहीं गई हैं, पता नहीं उनकी नीतियां क्या हैं. वो सीएम कैसे बन सकती हैं?’
बैठक के बाद शशिकला हरी साड़ी पहनकर बाहर आईं और उन्होंने अपने समर्थकों का अभिवादन किया. दिलचस्प है कि हरे रंग को जयललिता के साथ भी जोड़कर काफी देखा जाता रहा है और पिछले साल विधानसभा चुनाव में AIADMK की बेजोड़ जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता इसी रंग की साड़ी पहनकर लोगों के बीच आई थीं. तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी AIADMK ने रविवार को पोयस गार्डन में एक आंतरिक बैठक का आयोजन किया जिसके बाद शशिकला के सीएम पद को संभालने के मामले पर फैसला लिया गया.बैठक में पार्टी महासचिव शशिकला के अलावा सीएम पन्नीरसेल्वम और कुछ वरिष्ठ नेता शामिल थे. हालांकि इसे मीटिंग का गुप्ता एजेंडा रखा गया था और इसलिए कुछ सदस्यों ने इसे नकारते हुए कहा था कि मीटिंग, सरकार और पार्टी के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए की गई थी.गौरतलब है कि शशिकला विधानसभा की सदस्य नहीं है लेकिन पिछले साल दिसंबर में जयललिता के निधन के बाद जबसे उन्हें पार्टी प्रमुख बनाया गया, तब से ऐसा बहुत हद तक माना जा चुका था कि आने वाले वक्त में वह ही सीएम पद को संभालेंगी. बता दें कि जब से जयललिता की तबियत खराब हुई थी तब से ओ पन्नीरसेल्वम ही उनका काम संभाल रहे थे. उनके निधन के एक दिन पहले पन्नीरसेल्वम को सीएम पद की शपथ भी दिलवाई गई. खबरें यह भी हैं कि अतीत में पन्नीरसेल्वम से बार बार कहा गया कि वह चिनम्मा (मौसी) शशिकला के लिए अपने पद का त्याग कर दें. शशिकला ने शुक्रवार को वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के प्रमुख पदों पर नियुक्त किया था, जिनमें कुछ पूर्व मंत्री और एक पूर्व मेयर भी शामिल हैं. शशिकला लगभग तीन दशक तक जयललिता की करीबी सहयोगी रही हैं और उन्हें हमेशा अन्नाद्रमुक में सत्ता के केंद्र के रूप में देखा जाता रहा है.

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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