[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

अरुण जेटली ने खोला उम्मीदों का पिटारा


नई दिल्ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते हुए कहा कि हम नीतिगत प्रशासन की ओर बढ़े हैं. हमारा फोकस युवाओं की तरक्की पर है. पिछले ढाई सालों में शासन के तरीकों में बदलाव आया है.बजट में राजनीतिक दलों के चंदे पर अंकुश लगाने से जुड़ा अहम फैसला लिया गया है. राजनीतिक दल अब 2000 से ज्यादा का चंदा कैश में नहीं ले सकेंगे. वहीं 3 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेन-देन पर रोक लगा दी गई है. रेलवे में नई लाइनों के साथ सुरक्षा पर फोकस किया गया है, जिसके लिए 1 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान है. यही नहीं IRCTC पर टिकट बुकिंग से सर्विस टैक्स हटा लिया गया है. मीडिल क्लास को राहत देते हुए अब 2.5 लाख से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है.
50 लाख से 1 करोड़ की आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज और एक करोड़ से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा. मिडिल क्लास को इनकम टैक्स से राहत, 2.5 से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई. भारत बड़ा लोकतंत्र है. 70 साल बाद आजादी के देश राजनीतिक दलों को फंडिग का ट्रांसपेरेंट सिस्टम नहीं. पार्टी फडिंग में पारदर्शिता पर टैक्स में छूट. दानकर्ता चेक और अन्य पारदर्शी तरीके से दान दे सकते हैं. राजनीतिक दल 2000 रुपये से ज्यादा कैश चंदा नहीं ले सकते और 2000 रुपये से ज्यादा का चंदा सिर्फ चेक या डिजिटल तरीके से ही ले सकते हैं. हर राजनीतिक दल को तय समय में अपना रिटर्न फाइल करना होगा.पार्टी फंड के लिए दान दाता फंड खरीद सकेंगे. मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट दी जाएगी. कालेधन की जांच के लिए विशेष जांच दल. अब तीन लाख से ऊपर नकद लेनदेन की इजाजत नहीं.कैपिटल गेन टैक्स की अवधि अब तीन साल से 2 साल. 50 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए 5 प्रतिशत टैक्स कम होगा. छोटी कंपनियों का टैक्स 30 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत. वित्तीय घाटा जीडीपी का लक्ष्य 3.2 रखने का लक्ष्य. सिर्फ 1.74 करोड़ लोग इनकम टैक्स भरते हैं. 2015-16 में आयकर रिटर्न भरने वाले 3.7 करोड़ लोगों में 99 लाख ने अपनी इनकम 2.5 लाख दिखाई. 24 लाख लोग 10 लाख से ऊपर आयकर बताते हैं. 76 लाख लोगों ने 5 लाख से ऊपर आय बताई. सिर्फ सात हजार कपंनियो ने दस करोड़ से ऊपर का मुनाफा दिखाया. आयकर में बढ़ोतरी नोटबंदी का ही असर है. निजी आयकर में 34.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी.नोटबंदी के दौरान 1.09 करोड़ बैंक खातों में दो लाख से 80 लाख तक जमा हुए. 1.48 लाख खातों में 80 लाख से ज्यादा जमा हुए. रक्षा क्षेत्र के लिए 2.74 लाख करोड़ का बजट. देश छोड़कर भागने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर सरकार शिकंजा कसेगा. उनकी संपति जब्ती का कानून बनेगा. फौजियों के लिए विशेष यात्रा सुविधाएं. 84 योजनाओं का लाभ अब सीधे खातों में. 2017-18 में 21.47 लाख करोड़ के खर्च का लक्ष्य रखा गया है. कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉस टीम बनेंगी. सौर ऊर्जा में 23000 अतिरिक्त मेगावाट क्षमता की तैयारी. भारत डिजिटल क्रांति से गुजर रहा है. 125 लाख लोगों ने भीम ऐप को अपनाया. आधार आधारित लेनदेन भी जल्द शुरू होगी. सरकारी संस्थाओं में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जाएगा. आधार कार्ड आधारित 20 लाख पीयूएस आएंगे. बुजुर्गों के लिए आधारकार्ड आधारित स्मार्टकार्ड, बजट में बीमारी दूर करने का भी लक्ष्य रखा गया है. टीबी कुष्ठ, चेचक को दूर करने का लक्ष्य. पीपीपी मॉडल के तहत छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनाए जाएंगे. बुनियादी ढांचे के लिए 3.96 लाख करोड़ रुपये. एफडीआई नीति को और उदार बनाया जाएगा. नई मेट्रो रेल नीतियां लाई जाएगी. 3500 किलोमीटर नई रेल बिछाई जाएंगी. नेशनल हाइवे के लिए 67 हजार करोड़ रुपये. पैसेंजर सुरक्षा के लिए रेल संरक्षा कोष बनाया जाएगा, एक लाख करोड़ का प्रावधान. रेल का बजट 1,31, 000 करोड़ का होगा. 70 राज्य निर्माण और विकास के लिए चुने गए हैं. 500 स्टेशन विकलांगों की सुविधा के मुताबिक बनाए जाएंगे. नदियां, सड़कें और रेल देश की जीवन रेखा है. पर्यटन और तीर्थ के लिए विशेष ट्रेनें होंगी. आज भरतीय रेलवे को दूसर परिवहन साधनों से चुनौती है. आईआरसीटीसी से टिकट बुकिंग पर सर्विस टैक्स खत्म. पैसेंजर सुरक्षा के लिए रेल सुरक्षा कोष बनाया जाएगा. इसके लिए एक लाख करोड़ का प्रावधान. रेल का बजट 1,31, 000 करोड़ का होगा. दलितों के कल्याण के लि 52,393 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. एससी/एसटी और अल्पसंख्कों का फंड बढ़ा. झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे. 1.5 लाख स्वास्थ्य उपकेद्रों का विकास किया जाएगा. मेडल पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा की सीटें बढेंगी. 2025 तक टीबी के उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है.

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search