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शशिकला को फिलहाल सीएम की कुर्सी मिलती नहीं दिख रही


चेन्नई: अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला को फिलहाल सीएम की कुर्सी मिलती नहीं दिख रही है. तमिलनाडु के राज्यपाल विद्यासागर राव उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के पक्ष में नहीं हैं. राज्यपाल ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि शशिकला को शपथ के लिए न्योता नहीं दिया जा सकता.
इस बीच खबर थी कि राज्यपाल ने तमिलनाडु के घटनाक्रम पर 3 पन्नों की रिपोर्ट की केंद्रीय गृह मंत्रालय में को भेजी है. लेकिन बाद में राज्यपाल के प्रधान सचिव ने इस खबर का खंडन कर दिया. शशिकला ने गुरुवार को विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी सौंपते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया था. वहीं पन्नीरसेल्वम ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर विधायकों को अपने पक्ष में होने की बात कही थी. वहीं शशिकला के शपथ ग्रहण पर जारी अनिश्चितता के बीच तमिलनाडु के सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक में शुक्रवार को कलह और बढ़ गई क्योंकि जहां उन्होंने प्रिसीडियम अध्यक्ष ई मधुसूदन को बर्खास्त कर दिया. वहीं मधुसूदन ने उन्हें अन्नाद्रमुक महासचिव के रूप में मान्यता नहीं देने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा. इस बीच शशिकला ने कहा कि हमारा विश्वास है कि राज्यपाल संविधान और लोकतंत्र को अक्षुण्ण रखेंगे. शशिकला ने पूर्व मंत्री के ए सेनगोट्टैयन को अन्नाद्रमुक का नया प्रिसीडियम अध्यक्ष नियुक्ति किया. जबकि मधुसूदन का कहना है कि शशिकला द्वारा मुझे अन्नाद्रमुक से बाहर निकालने से पहले ही मैंने उन्हें निष्कासित कर दिया था. सेनगोट्टैयन को पार्टी के संगठन सचिव के पद से मुक्त कर दिया गया, उन्हें गत सप्ताह संगठन सचिव नियुक्त किया गया था. मधुसूदनन ने गुरुवार को पन्नीरसेल्वम को अपना समर्थन दिया था और कहा था कि वह पार्टी की रक्षा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा था कि अन्नाद्रमुक की रक्षा करने के लिए हर किसी को पन्नीरसेल्वम से हाथ मिला लेना चाहिए. मधुसूदन का तर्क है कि शशिकला 31 मार्च, 2012 में ही अन्नाद्रमुक में फिर शामिल हुईं, जिस वजह से वह महासचिव बनने की पात्रता नहीं रखती हैं. इस बीच अन्नाद्रमुक विधायकों के एक वर्ग ने पन्नीरसेल्वम धड़े के इस आरोप का खंडन किया कि उन्हें एक विशेष जगह पर बंधक बनाकर रखा गया है. इस वर्ग ने कहा कि वह स्वतंत्र है. पन्नीरसेल्वम के समर्थक विधायक वी सी आरूकुटी ने कहा था, ‘विधायकों तक पहुंचना मुश्किल है, उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है.

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

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