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अवैध उत्खनन करने वाले वाहन राजसात होंगे


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा नदी की 100 किलोमीटर की परिधि में जल-परिवहन शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद नर्मदा तट के 5 किलोमीटर परिधि की शराब की दुकानें बंद कर दी जायेंगी। चौहान ने यह भी कहा कि अब रेत का अवैध उत्खनन करने पर पकड़े गये वाहनों को राजसात कर लिया जायेगा। चौहान ‘नमामि देवि नर्मदे”-सेवा यात्रा के दौरान बड़वानी जिले के ग्राम मोहीपुरा के नर्मदा तट पर जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सपत्नीक यात्रा की अगवानी की और यात्रियों का स्वागत किया।
छत्तीसगढ़ से आयी सुश्री नेहा परवीन का मुख्यमंत्री ने जन-संवाद में सम्मान किया। बोहरा समाज की यह बालिका अपने समाज के लोगों के साथ ध्वज और कलश लेकर नर्मदा तट की पद-यात्रा कर रही है। कार्यक्रम में पशुपालन एवं पर्यावरण मंत्री अंतर सिंह आर्य, सांसद सुभाष पटेल, अनुसूचित-जाति आयोग के अध्यक्ष एवं यात्रा प्रभारी भूपेन्द्र आर्य, महाराष्ट्र से आये जल-विशेषज्ञ सुरेश खातापुरकर, नेपाल के डॉ. सुबोध शर्मा और विधायक देवी सिंह पटेल सहित नागरिक और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी भारत की हृदय-रेखा है। नर्मदा संस्कृति की जीवन-धारा है। इस नदी के तट पर अनेक सभ्यता और संस्कृति ने जन्म लिया है। अमरकंटक से शुरू होकर अरब सागर तक 1000 किमी से अधिक का सफर माँ नर्मदा करती हैं। इसकी 41 सहायक नदियों में से 39 नदियाँ मप्र की सीमा में हैं। प्रदेश की लगभग 30 प्रतिशत आबादी नदी के तट पर बसती है। उन्होंने कहा कि इसलिये हम सबका दायित्व है कि हम माँ नर्मदा का संरक्षण करें, उसका विस्तार कर प्रदूषण से मुक्त करें और नर्मदा की विशाल विरासत को आने वाली पीढ़ी के लिये सहेज कर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिये चल रही यात्रा अब जन-आंदोलन बन गयी है। लोगों को वृक्षों का महत्व समझाने की कोशिशें सफल हो रही हैं। लोग इस बात को भी समझ रहे हैं कि खुले में शौच नहीं करना है और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” को अपनाना है। चौहान ने कहा कि नदी के दोनों तट पर बड़ी संख्या में हो रहे पौध-रोपण से न सिर्फ शुद्ध वातावरण मिलेगा, बल्कि अतिरिक्त आमदनी का साधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जन-संवाद कार्यक्रम में नशामुक्ति का संकल्प दिलवाने से लोगों के बीच इसका व्यापक असर हो रहा है। प्लास्टिक की थैलियों पर पाबंदी लगाने का भी निर्णय लिया गया है। चौहान ने कहा कि तट के एक किमी दूरी के गाँव में किसानों की जमीन पर पौध-रोपण के लिये 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तीन वर्ष तक अनुदान और लागत में 40 प्रतिशत की सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मिल्क-रूट की तरह फ्रूट-रूट भी बनाये जायेंगे। इसके लिये सरकार द्वारा सबसिडी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी जिले के हर किसान के खेत को नर्मदा के जरिये नहर के माध्यम से जल पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बड़वानी जिला बागवानी जिला बन जायेगा। कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ग्राम मोहीपुरा में यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने माँ नर्मदा के तट पर महा-आरती भी की। खनिज विकास निगम के अध्यक्ष शिव चौबे ने भी संबोधित किया। यात्रा बड़वानी जिले के ग्राम लोहारा से शुरू हुई और किरमोही, केशवपुरा आदि गाँव से होती हुई मोहीपुरा पहुँची। यात्रा का नागरिकों ने पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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