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शशिकला ने राज्यपाल से मुलाकात कर पेश किया सरकार बनाने का दावा


चेन्नई: अन्नाद्रमुक में जारी खींचतान के बीच पार्टी प्रमुख शशिकला ने राज्यपाल विद्यासागर राव से मुलाकात की. शशिकला अपने 10 वरिष्ठ मंत्रियों के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचीं और मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश की. अन्नाद्रमुक ने यह जानकारी दी. राज्यपाल के साथ शशिकला की मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली. शशिकला ने राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने का न्यौता देने का अनुरोध किया. हालांकि राज्यपाल का जवाब फिलहाल पता नहीं चल पाया. शशिकला रात सात बजकर 25 मिनट पर राजभवन पहुंचीं और वह 40 मिनट की भेंट के बाद वहां से गयीं. शाम पांच बजे पन्नीरसेल्वम ने राव से भेंट की थी. संक्षिप्त भेंट के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, ‘अच्छा ही होगा और धर्म की जीत होगी.
इससे पहले वी के शशिकला ने जयललिता के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां सीलबंद लिफाफा रखा. समझा जाता है कि वह विधायकों की समर्थन सूची है. इसके बाद वह राज्यपाल से मिलने के लिए निकल गईं. इससे पहले ओ पन्नीरसेल्वम भी राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं. पन्नीरसेल्वम और राज्यपाल विद्यासागर राव की मुलाकात करीब 15 मिनट चली जिनमें से 5 मिनट तक दोनों की अकेले में बातचीत हुई. सूत्रों ने बताया कि पन्नीरसेल्वम में राज्यपाल को एक पिटीशन भी सौंपा जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे दबाव में उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. इससे पहले राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पन्नीरसेल्वम ने कहा कि ‘जल्द ही न्याय होगा.’ उन्होंने उन सभी विधायकों को धन्यवाद भी दिया जो उनके साथ हैं. अन्नाद्रमुक के 10 नेता भी उनके साथ राजभवन गए जिनमें पार्टी के नंबर दो नेता ई मधुसूदनन भी शामिल थे. शशिकला की भी आज राज्यपाल से मुलाकात होनी है लेकिन उन्हें बाद में समय दिया गया है. गौरतलब है कि अन्नाद्रमुक के शशिकला धड़े से जुड़े नेता चाहते हैं कि शपथ ग्रहण समारोह फौरन हो. शशिकला धड़े के एक नेता आरएस नवनीतकृष्णा ने बातचीत में पन्नीरसेल्वम पर हमला बोलते उन्हें अहसान फरामोश और स्वार्थी करार दिया. दूसरी ओर शशिकला कैंप के नेता थंबीदुरई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और अपना पक्ष रखा है. गौरतलब है कि राज्यपाल ने पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री को बुलाने का फैसला किया था. उनको शाम पांच बजे बुलाया गया था और उसके बाद अपने समर्थक विधायकों का दावा करने वाली अन्नाद्रमुक की जनरल सेक्रेट्री शशिकला को मिलने का समय दिया गया. शशिकला अब शाम सात बजे गवर्नर से मिलेंगी. हालांकि पहले इस तरह की मीडिया रिपोर्ट आ रही थीं कि वह पहले गवर्नर से मिलने वाली हैं. इससे पहले आज दोपहर में अन्नाद्रमुक में शीर्ष नेतृत्व के लिहाज से नंबर दो की हैसियत रखने वाले ई मधूसूदनन ने शशिकला का साथ छोड़ते हुए पन्नीरसेल्वम का साथ देने का फैसला किया है. ओ पन्नीरसेल्वम की बगावत के बाद तमिनाडु की सियासत में पल-प्रतिपल हालात बदल रहे हैं. पन्नीरसेल्वम ने आज कहा कि जयललिता के पोएस गार्डन आवास को स्मारक में तब्दील कर दिया जाना चाहिए. अभी इस घर में शशिकला रहती हैं. इससे पहले बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम के हत शशिकला ने अपने समर्थन में 130 विधायकों को बसों में अज्ञात स्थान पर भेज दिया है. माना जा रहा है कि उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए हैं.जानकारों के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में राज्यपाल के पास तीन विकल्प हैं. पहला ये कि वो पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बने रहने दें और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहें. दूसरा विकल्प ये है कि शशिकला को सीएम पद की शपथ दिलाकर उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहें जबकि तीसरा विकल्प राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का है. इससे पहले सोमवार रात को ओ. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ खुलकर बगावत कर दी है. पलटवार करते हुए पार्टी की जनरल सेक्रेट्री शशिकला ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि मैं अम्मा (जयललिता) की विरासत संभालूंगी. पार्टी के साथ धोखा देने वाले को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए कोई दबाव नहीं था. वह विपक्षी द्रमुक के इशारे पर काम कर रहे हैं. उससे पहले बुधवार सुबह पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वह राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा वापस लेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी को धोखा नहीं दिया. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के इशारे पर कुछ नहीं कर रहा हूं. साथ ही जोड़ा कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे. उनका कहना है कि जनता उन्हें पसंद करती है और उन्होंने दबाव में इस्तीफा दिया था. गौरतलब है कि राज्यपाल ने पन्नीरसेल्वम का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और वह फिलहाल कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं. पन्नीरसेल्वम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जयललिता की मौत की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार भी जयललिता से मिलने नहीं दिया गया था जबकि वह रोज अम्मा से मिलने के लिए अस्पताल गए थे. उधर, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने दिल्ली में कहा है कि बीजेपी का इस पूरे मामले से कोई लेना देना नहीं है. इस पूरे मामले पर राज्यपाल सही समय पर सही कार्रवाई करेंगे. वैंकया नायडू ने कहा कि राज्यपाल के पास संवैधानिक शक्तियां है. हालांकि, बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी का कहना है कि शशिकला नटराजन को तुरंत मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी चाहिए. आगर इसमें देर होती है तो यह संविधान के नियमों के खिलाफ होगा. राष्ट्रपति को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए. मंगलवार को पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि जयललिता चाहती थीं कि अगर उन्हें कुछ हो जाए तो मैं मुख्यमंत्री बनूं. उन्होंने कहा कि अम्मा (जयललिता) के सपनों पूरा करने के लिए मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. पन्नीरसेल्वम ने कहा, जो राज्य के हितों की रक्षा कर सकता है, उसे ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि यदि जनता चाहेगी तो वह तमिलनाडु सीएम के पद से अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं.

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