[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

आकाश चोपड़ा और श्रीसंत ट्विटर पर भिड़े


नई दिल्ली: एक ऐसा समय था जब शांताकुमारन श्रीसंत टीम इंडिया के एक अच्छे गेंदबाज़ माने जाते थे. श्रीसंत ने भारत के लिए 27 टेस्ट और 53 एकदिवसीय मैच खेले हैं. लेकिन 2013 में आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप की वजह से श्रीसंत का टीम में चयन नहीं हुआ. 2015 में कोर्ट ने श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप से बरी कर दिया था. श्रीसंत ने अपना आखिरी टेस्ट और एकदिवसीय मैच 2011 में खेला था.
भारतीय टीम में श्रीसंत की वापसी को लेकर पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा और श्रीसंत ट्विटर पर भिड़ गए हैं. दरअसल बहस तब से शुरू हुई जब ट्विट्टर पर एक क्रिकेट प्रेमी ने आकाश चोपड़ा से पूछा कि श्रीसंत को लेकर उनकी राय क्या है? क्या टीम में श्रीसंत की कभी वापसी होगी तब आकाश चोपड़ा ने जवाब दिया नहीं. फिर आकाश चोपड़ा ने लिखा “जब स्पॉट फिक्सिंग के मामले में थोड़ा सख्त हूं, रिकॉर्ड मिटाकर समझौता कर उदाहरण बनने का मैं विरोध करता हूं. लेकिन यह मेरी अपनी राय है.” फिर श्रीसंत ने फेसबुक के एक पोस्ट को ट्विटर पर आकाश चोपड़ा को टैग करते हुए लिखा “आप दोहरा रवैया कैसे अपना सकते हैं, आप को भाई कहने में मुझे शर्म आ रही है, आपने जो रिप्लाई किया उसे जानकर मुझे दुःख हो रहा है? मैं ज़रूर खेलूंगा. आकाश चोपड़ा ने श्रीसंत के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, यह दोहरा मापदंड नहीं है, यह मेरी राय है और मैं इसमें कायम हूं. मेरे खुद के भाई के लिए भी मेरी ऐसी राय होती. फिर श्रीसंत ने जवाब देते हुए लिखा कि चाहे कितना भी छोटा मौका मिले वह देश के लिए जरूर खेलेंगे. श्रीसंत ने लिखा मुझ पर भरोसा रखिये मैं क्रिकेट दिल जान से खेलता हूं. फिर आकाश चोपड़ा ने श्रीसंत के ट्वीट के जवाब में लिखा कि आपकी इच्छा पूरी हो और भगवान आपको आशीर्वाद दे. अब मामला यहीं ख़त्म नहीं हुआ. श्रीसंत ने आकाश चोपड़ा को टैग करते हुए लिखा “मैं आशा करता हूं आप का देशद्रोही वाला कमेन्ट उन 13 लोगों के लिए भी होना चाहिए, जिन्हें आरोपित करने के बाद उनके लिफाफे नहीं खोले गए.” श्रीसंत का जवाब देते हुए आकाश चोपड़ा ने लिखा कि मैंने देशद्रोही जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है और इस मामले में मेरी राय व्यक्ति विशेष पर नहीं. सबके लिए एक नियम होना चाहिए. आकाश चोपड़ा को जवाब देते हुए श्रीसंत ने लिखा कि बहुत जल्द ही मुझे खेलते हुए आपकी कमेंट्री सुनना चाहूंगा और यह बहुत जल्दी होगा. इस के जवाब में अकाश चोपड़ा ने लिखा, मैं हमेशा आपके क्रिकेट स्किल की प्रशंसा करता रहा हूं.

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search