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शहरों के विकास के लिए अगले 5 साल में 86 हजार करोड़ रूपए खर्च करेगी सरकार


भोपाल: नगर उदय अभियान के तहत समूचे प्रदेश में आयोजित यह कार्यक्रम दुनिया का पहला ऐसा कार्यक्रम है जिसमें एक साथ एक दिन में एक समय पर 12 लाख 68 हजार 480 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के गैरीसन मैदान में नगर उदय अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश का विकास ही राज्य सरकार का संकल्प है। इसे साकार करने के लिए आने वाले पाँच सालों में सरकार शहरी विकास के लिए 86 हजार करोड़ रूपए खर्च करेगी। उन्होंने विकास के लिए जनता को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। चौहान ने कहा कि जनता न भटके, प्रशासन जनता के द्वार जाए और वार्डों में बैठकर ही उनके विकास का खाका तैयार हो, इसलिए यह अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य मप्र को समृद्ध, विकसित, वैभवशाली और गौरवशाली बनाकर सम्पूर्ण विश्व पटल पर स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मप्र मेरा मंदिर है। जनता उसकी भगवान है और जनता का पुजारी शिवराज है। इसके पहले मुख्यमंत्री ने 70 करोड़ से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 85 हजार 303 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया जिनमें जबलपुर नगरीय क्षेत्र के 67 हजार 86 हितग्राही शामिल थे। मुख्यमंत्री ने शहरों को विकास के इंजन की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि शहर रोजगार के साधन हैं, विकास का दर्पण हैं। प्रदेश के 378 शहर में प्रदेश की 30 प्रतिशत आबादी निवास करती है। इस आबादी के प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की योजनाओं का लाभ मिले, यह हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने एक मई 2017 से सम्पूर्ण प्रदेश में पालीथीन पर बैन लगाने का ऐलान भी किया। उन्होंने पालीथीन को पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पालीथीन का विकल्प भी कागज और कपड़े की थैलियों के रूप में तैयार किया जा रहा है जिनके अधिकाधिक उपयोग का आव्हान उन्होंने जनता से किया। चौहान ने 31 मार्च तक प्रदेश के सभी शहरों को खुले में शौच के अभिशाप से मुक्त कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश के 60 शहर खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। यह एक बुराई है जिसके विरूद्ध हमारा स्वच्छ भारत मिशन चल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को खुले में शौच न जाने और अपने शहर को स्वच्छ बनाने का संकल्प दिलाया। चौहान ने कहा कि यह अभियान मानसिकता में बदलाव लाने का अभियान है जो जनमानस की सहभागिता के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 378 शहरों में नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने के लिए सरकार कृत-संकल्पित है। बहुत से शहरों में नल-जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। जिन शहरों में पेयजल की समस्या है वहाँ शीघ्र ही नल-जल योजना बनाकर कार्य करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शहरों में सबसे बड़ी समस्या सीवरेज सिस्टम न होना बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 40 शहरों के लिए सीवरेज सिस्टम की योजना बनाई गई है जिसमें सीवरेज के पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाकर और ट्रीट कर पाइप के जरिए बगीचों में छोड़ा जाएगा। उस पानी को नदियों में मिलने से रोका जाएगा। शीघ्र ही प्रदेश के सभी शहरों में सीवरेज सिस्टम स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार कदम उठाएगी।

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