[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

अजजा-अजा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर बनाए जायेंगे


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं की प्रवेश परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग देने के लिए प्रदेश में कोचिंग सेंटर स्थापित किये जायेंगे। प्रदेश में स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों के क्रीड़ा परिसरों में विशेष खेलों का चिन्हांकन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और खेल सामग्री उपलब्ध करवायी जाएगी। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति के मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय नेतृत्व विकास शिविर के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विदुषी योजना शुरू की जाएगी, जिसमें अनुसूचित जाति-जनजाति की अति पिछड़ी जातियों की 50 बालिकाओं का चयन कक्षा छह से किया जाएगा। इन बालिकाओं को नि:शुल्क उच्च शिक्षा और सारी सुविधाएँ उपलब्ध करवायी जाएगी। वर्ष 2017-18 से राज्य स्तरीय नेतृत्वविकास शिविर में आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भारत दर्शन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो सबसे पिछड़े और गरीब हैं वे राज्य सरकार की प्राथमिकता में सबसे पहले हैं। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए नि:शुल्क किताबें, छात्रवृत्ति, नि:शुल्क साईकिल, छात्रावास सहित सभी बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवायी हैं। इन वर्गों के विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत अंक लाने पर लेपटॉप तथा महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर स्मार्ट फोन दिए जायेंगे। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ कॉलेज और मेडिकल जैसी परीक्षाओं में चयन होने पर इन वर्गों के विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को कहा कि वर्तमान युग ज्ञानार्जन का युग है। ज्ञान के माध्यम से दुनिया को दिशा दी जा सकती है। उनके लिए ज्ञानार्जन सबसे महत्वपूर्ण कर्त्तव्य है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसलिए अपनी क्षमताओं को पहचाने और सही दिशा में कोशिश करें। अभावों में संघर्ष करके आगे बढ़ने के कई उदाहरण जैसे अब्रहिम लिंकन से लेकर डॉ. अम्बेडकर तक हमारे सामने हैं। लक्ष्य के प्रति एकाग्र होकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। पढ़ाई के साथ-साथ बाकी गुणों का भी विकास करें। अच्छे आचरण से व्यक्तित्व विकास होता है। उन्होंने गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि अन्याय के विरुद्ध लड़ना है। गलत बात का प्रतिकार करना चाहिए। अच्छा विचार आये तो उसे बताने में संकोच नहीं करें और इसे क्रियान्वित करें। दृढ़ निश्चय से काम करते हैं तो सफलता मिलती है। अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी भाग लें। हर क्षेत्र में आगे आयें, नशे से दूर रहें। अपने क्षेत्र में नशामुक्ति के लिए जन-जागरण अभियान चलाएँ। उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार ने सभी संसाधन उपलब्ध करवाए हैं। इन वर्गों के विद्यार्थियों में आगे बढ़ने की प्रतिभा और क्षमता है। अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह ने कहा कि इन वर्गों के विद्यार्थियों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व काम हुए हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के 350 विद्यार्थियों का चयन आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम जैसी संस्थाओं में हुआ है। राज्य सरकार इन वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search