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शौचालय के नियमित इस्तेमाल का उम्मीदवारों को देना होगा प्रमाणपत्र


मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उम्मीदवारों के लिए शौचालय के इस्तेमाल का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। अब स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को यह प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा। अन्यथा उनका नामांकन रद्द हो जाएगा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि महानगरपालिका, जिला परिषद, ग्राम पंचायत और पंचायत समिति का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को शौचालय के नियमित इस्तेमाल का स्व हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा। इसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। बता दें कि स्थानीय निकाय स्वराज्य संस्था का सदस्य होने के लिए शौचालय और इसका नियमित इस्तेमाल का उपयोग करने का प्रावधान मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1988, महाराष्ट्र महानगर अधिनियम सहित महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 में है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार अब उम्मीदवारों के पास शौचालय हैं और वह इसका नियमित इस्तेमाल करते हैं, इस बारे में सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणपत्र या स्वयं हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा। इससे पहले दिसंबर 2015 में महाराष्ट्र कैबिनेट ने निर्णय लिया था कि नगर पालिका, महानगरपालिका का चुनाव लड़ने वालों के घर में शौचालय होना जरूरी है। अगर किसी उम्मीदवार के घर में शौचालय नहीं है तो वह स्थानीय चुनाव नहीं लड़ सकते। यह अहम फैसला शौचालय निर्माण और स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया था।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

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