उप्र विधानसभा चुनाव के लिए आज हो सकता है महागठबंधन का ऐलान - .

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Thursday, 19 January 2017

उप्र विधानसभा चुनाव के लिए आज हो सकता है महागठबंधन का ऐलान


लखनऊ: उप्र विधानसभा चुनाव के लिए आज महागठबंधन का ऐलान हो सकता है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर बातचीत फाइनल स्टेज में हैं और लगभग अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है। आरएलडी हालांकि, अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है लेकिन सूत्रों के अनुसार केवल कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन को लेकर अंदरखाने बात चल रही है। हालांकि, वह महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी कांग्रेस के लिए 103 सीटें छोड़ सकती है। हालांकि, फिर कांग्रेस को ये फैसला करना है कि वह अपने कोटे की सीटों पर चाहे अपने प्रत्याशी उतारे या किसी दल को अपने कोटे की सीटों पर चुनाव लड़ाए। आरएलडी के साथ इसी कोटे के तहत कांग्रेस गठबंधन कर सकती है। गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव , प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, मंत्री अहमद हसन और किरनमय नंदा के बीच गठबंधन की सीटों व चुनावी तैयारियों पर मंथन चलता रहा। इसके बाद पार्टी ने गठंबधन के मसौदे को अंतिम रूप दिए जाने का इंतजार किए बगैर पहले और दूसरे चरण की उन सीटों के प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न हासिल करने के जरूरी फार्म ए व बी वितरित करना शुरू कर दिए। तकरीबन 30 लोगों को फार्म बांटे गए हैं। जिन लोगों को ये फार्म दिये जाने थे, उन्हें या उनके प्रतिनिधि को पहले से लखनऊ बुला लिया गया था। कांग्रेस के साथ बातचीत में आरएलडी 40 सीटों की मांग कर रही है लेकिन वह 25 सीटों पर मान सकती है। सूत्रों के अनुसार सपा ने कांग्रेस को आरएलडी को 20 सीटों पर मनाने को कहा है। इस 20 में से भी 3 सीटों पर बीएसपी की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, सूत्र ये भी बता रहे हैं कि रामगोपाल यादव आरएलडी को महागठबंधन का हिस्सा बनाने के खिलाफ हैं। पहले खबरें थी कि आरएलडी अपने लिए 40 सीटें चाह रही है लेकिन सपा 20 से ज्यादा देने के तैयार नहीं है। समाजवादी पार्टी के आकलन के अनुसार पश्चिमी यूपी में हाल के दिनों में हुए धार्मिक ध्रुविकरण के कारण जाट और मुस्लिम समुदाय एक साथ वोट नहीं करेंगे इसलिए सपा चुनाव से पहले आरएलडी के साथ दिखना नहीं चाह रही। गुरुवार को दिल्ली में आरएलडी के महासचिव त्रिलोक त्यागी ने ऐलान किया कि आरएलडी यूपी चुनाव में अकेले उतरेगी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के साथ आरएलडी की बैक चैनल बातचीत जारी है और केवल कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन हो सकता है। जानकार इसे आरएलडी की दबाव की राजनीति भी बता रहे हैं।

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