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हीरा कारोबारी प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर

मुंबई: नोटबंदी के बाद सोना कारोबारियों पर नकेल कसने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब हीरा कारोबारियों के खिलाफ मुहिम शुरू की है। ईडी को शक है कि करोड़ों का हीरा आयात करने के नाम पर सैकडों करोड़ कालाधन सफेद किया गया है। ईडी ने ऐसे ही एक हीरा कारोबारी के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया है।
ईडी को पता चला था कि मुंबई के लोअर परेल में राजेश्वर एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नोटबंदी के बाद 1500 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। सिर्फ एक लाख शेयर कैपिटल से बनी कंपनी का नोटबंदी के बाद 1500 करोड़ का कारोबार किया। जब जांच हुई तो पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर सिर्फ नाम के हैं और असली मास्टरमाइंड तो कोई रितेश जैन है। बताया जाता है कि रितेश के पिता पर भी सीबीआई में एक मामला पहले से दर्ज है। प्रवर्तन निदेशालय सूत्रों के मुताबिक, मामले में 33 करोड़ के हीरे तो जब्त हुए, लेकिन रितेश जैन अभी तक सामने नहीं आया है। जांच मे ये भी पता चला है वो इसी तरह की और 25 फर्जी कंपनियां बनाकर गोलमाल करने की फिराक में था। वैसे, तो अभी एक कारोबारी का गोरखधंधा सामने आया है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के शक के दायरे में अब दूसरे हीरा कारोबारी भी आ गए हैं। ईडी को शक है कि आयात-निर्यात में कम कीमत के हीरों को ज्यादा कीमत का बताकर करोड़ों रुपये विदेश भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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