[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

मुख्यमंत्री ने मोबाइल से बरमान के जन-संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मप्र की सुख व समृद्धि का आधार माँ नर्मदा है। प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन और प्रदूषण मुक्ति के लिए जागरूकता बढ़ाने नर्मदा सेवा यात्रा जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। चौहान ने इसके लिए सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने लोगों से आव्हान किया कि माँ नर्मदा का श्रंगार दोनों तटों पर वृक्षारोपण कर हरियाली चुनरी ओढ़ाकर करें।
मुख्यमंत्री नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान नरसिंहपुर जिले के बरमानखुर्द में जन-संवाद कार्यक्रम को मोबाइल से संबोधित कर रहे थे। चौहान का बरमानखुर्द आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित था, परंतु अपरिहार्य कारणों से वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे। चौहान ने मोबाइल से दिये संदेश में कहा कि नर्मदा तट के एक किमी के दायरे में किसानों को निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाने के लिए गड्ढा खोदने के लिए मजदूरी के साथ 40 प्रतिशत अनुदान राशि दी जायेगी। साथ ही प्रति हेक्टर 20 हजार रूपये की राशि 3 साल तक किसानों को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा में गंदे पानी को मिलने से रोकने के लिए अमरकंटक से ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की शुरूआत की जायेगी। ट्रीटमेंट प्लांट से निकले साफ पानी को खेतों तक पहुँचाकर सिंचाई के उपयोग में लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा किनारे पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए पूजन कुंड बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा तट से लगे गाँव में अगले वित्तीय वर्ष से कोई शराब की दुकान नीलाम नहीं होगी। साथ ही पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जायेगा। उन्होंने कार्यक्रम में नर्मदा तटों पर वृक्षारोपण करने, स्वच्छता बनाये रखने, खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग नहीं करने, जैविक खेती अपनाने, फलदार एवं छायादार वृक्षों के लिए पौधेरोपित करने, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्ति और नर्मदा की निर्मलता बनाये रखने के लिए हर संभव प्रयास करने तथा इसके लिए दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलवाया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि मप्र के विकास और तरक्की में नर्मदा मैया का बहुत बड़ा योगदान है। बिना नर्मदा के हम प्रदेश के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते। यदि मप्र से नर्मदा को कम कर दिया तो उसकी स्थिति वैसे ही होगी जैसे कि बिना प्राण के शरीर होता है। उन्होंने जिलावासियों का आव्हान किया कि नर्मदा जल को निर्मल बनाये रखने के लिए कहीं पर भी गंदगी नर्मदा में प्रवाहित न होने दें। ग्रामीण विकास मंत्री ने जानकारी दी कि जो पंचायतंे खुले में शौच से मुक्त हो गई हैं, उन्हें विकास के लिए अधिक राशि मिलेगी, जिससे वे अपने विकास के कार्य करवा सकेंगे। वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि नर्मदा के आचमन योग्य जल को गंदा नहीं होने दें। हमारी सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी नर्मदा पर आश्रित हैं।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search