स्त्री सम्मान से जुड़े विषय पाठ्यक्रम में शामिल होंगे: शिवराज - .

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Saturday, 28 January 2017

स्त्री सम्मान से जुड़े विषय पाठ्यक्रम में शामिल होंगे: शिवराज


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अच्छे कार्यों का सम्मान जरूरी है। सिंहस्थ ज्योति पदक का वितरण समारोह पूर्वक किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसमें संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। चौहान पुलिस लाईन में सिंहस्थ ज्योति पदक और रुस्तम जी पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बेटियों के मान-सम्मान और गरिमा से जुड़े विषयों को पाठ्यक्रम में भी शामिल किये जाने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह को भी सिंहस्थ ज्योति पदक से सम्मानित किया। उन्होंने सिंहस्थ के दौरान उनकी सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए गृह मंत्री पूरे 73 दिनों तक उज्जैन में मुख्यालय बनाकर रहे। गृह मंत्री का आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर कार्यक्रम में ही भूपेन्द्र सिंह को सिंहस्थ ज्योति पदक से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र पुलिस द्वारा सिंहस्थ-2016 के आयोजन में सेवा और समर्पण की अदभुत मिसाल कायम की है। पुलिस का व्यवहार, वाणी और दृष्टिकोण अदभुत था। उन्होंने पुलिस प्रबंधों, पूर्व तैयारियों और भीड़ प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि वे देश में जहाँ भी जाते हैं वहाँ पर प्रबुद्ध और आमजन सभी मप्र पुलिस की उनसे भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस के कार्य की कठिन स्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रदेश की पुलिस ने सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उसे जो कार्य सौंपा गया, पुलिस ने सफलता से किया है। किसी समय दस्यु समस्या से पीड़ित प्रदेश में आज एक भी सूचीबद्ध गिरोह नहीं है। जेल ब्रेक की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता ने बहुत बड़ी अनहोनी को रोक दिया। उन्होंने कहाकि पुलिस का कार्य कानून का राज कायम करना है। जहाँ भी गड़बड़ी मिले, उसे तुरंत ठीक किया जाये। अपराधियों के साथ वज्र से कठोर और आमजन के साथ फूल से कोमल व्यवहार किया जाये। चौहान ने कहा कि माताओं-बहनों के साथ अपराध स्वीकार नहीं है। चिन्हित अपराधों में कड़ी कार्रवाई की जाए। अबोध बालिकाओं के साथ दुराचार करने वाले को फाँसी के फंदे पर ही लटकाना चाहिए। इस संबंध में वैधानिक प्रावधानों के संबंध में अध्ययन करवाने और सुझाव प्राप्त करने के लिए कहा। उन्होंने प्रदेश को नशे के कंलक से मुक्त करवाने के लिए संकल्पित होने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मद्य निषेध वाले राज्यों की व्यवस्थाओं का गंभीरता से अध्ययन करवाया जा रहा है। विगत चार वर्षों में नई शराब की दुकान नहीं खोली गई है। शराब निर्माण की फैक्ट्री भी नहीं लगने दी गई है। नर्मदा तट के किनारों पर शराब की दुकानें नहीं रहेगी। उन्होंने पदक, पुरस्कार से सम्मानित पुलिसकर्मियों और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर को उनकी सफलताओं के लिए बधाई दी।गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस ने सिंहस्थ के सफल आयोजन द्वारा मप्र का गौरव बढ़ाया है। सिंहस्थ 2016 का सफल आयोजन कर, मप्र की पुलिस ने कीर्तिमान स्थापित किया है । पुलिस के प्रति विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है । मप्र पुलिस का कार्य देश में सबसे अच्छा है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दिए जा रहे संरक्षण के लिए आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि पुलिस के विकास के लिए सदैव माँग अनुसार बजट उपलब्ध करवाया है।

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