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मेरे साथ नाइंसाफी हुई: राकेश रोशन


मुंबई: इस सप्ताह रिलीज हुई ‘काबिल’ के निर्माता और अभिनेता ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन का कहना है कि फिल्म एग्जीबिटर को किसी के सामने झुकने की जरूरत नहीं है। अगर वे चाहें तो निर्माताओं के घुटने के बल झुका सकते हैं. दरअसल ‘काबिल’ और शाहरुख खान की ‘रईस’ इस सप्ताह एक साथ रिलीज हुई हैं। ‘रईस’ के निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने अपनी फिल्म को आगे-पीछे रिलीज़ करने से इंकार कर दिया तब राकेश रोशन भी पीछे नहीं हटे क्योंकि उन्होंने पहले ही अपनी फिल्म गणतंत्र दिवस पर रिलीज करने की घोषणा की थी। पहले तय हुआ था कि एग्जीबिटर दोनों फिल्मों को बराबर स्क्रीन देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
फिल्में रिलीज हुईं तो ‘रईस’ को 60 प्रतिशत और ‘काबिल’ को 40 प्रतिशत स्क्रीन दिए गए। ऐसे में ‘काबिल’ के निर्माता राकेश रोशन ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है और ऐसा नहीं होना चाहिए। राकेश ने कहा, “मेरे साथ नाइंसाफी हुई है। दोनों फिल्मों को बराबर स्क्रीन देने की बात हुई थी। मैंने उनसे ज़यादा स्क्रीन नहीं मांगे थे फिर मुझे कम क्यों मिले। दोनों फिल्में एग्जीबिटर्स के 2 बच्चों की तरह हैं तो एक बच्चे को ज्यादा और दूसरे से प्यार कम क्यों? मैंने ऐसी क्या गलती की थी। पहले भी ऐसा होता रहा है कि दो बड़ी फिल्मों के एक साथ रिलीज होने पर जिसका बड़ा रुतबा उसे ज्यादा स्क्रीन मिले हैं मुंबई: इस सप्ताह रिलीज हुई ‘काबिल’ के निर्माता और अभिनेता ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन का कहना है कि फिल्म एग्जीबिटर को किसी के सामने झुकने की जरूरत नहीं है। अगर वे चाहें तो निर्माताओं के घुटने के बल झुका सकते हैं. दरअसल ‘काबिल’ और शाहरुख खान की ‘रईस’ इस सप्ताह एक साथ रिलीज हुई हैं। ‘रईस’ के निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने अपनी फिल्म को आगे-पीछे रिलीज़ करने से इंकार कर दिया तब राकेश रोशन भी पीछे नहीं हटे क्योंकि उन्होंने पहले ही अपनी फिल्म गणतंत्र दिवस पर रिलीज करने की घोषणा की थी। पहले तय हुआ था कि एग्जीबिटर दोनों फिल्मों को बराबर स्क्रीन देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
फिल्में रिलीज हुईं तो ‘रईस’ को 60 प्रतिशत और ‘काबिल’ को 40 प्रतिशत स्क्रीन दिए गए। ऐसे में ‘काबिल’ के निर्माता राकेश रोशन ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है और ऐसा नहीं होना चाहिए। राकेश ने कहा, “मेरे साथ नाइंसाफी हुई है। दोनों फिल्मों को बराबर स्क्रीन देने की बात हुई थी। मैंने उनसे ज़यादा स्क्रीन नहीं मांगे थे फिर मुझे कम क्यों मिले। दोनों फिल्में एग्जीबिटर्स के 2 बच्चों की तरह हैं तो एक बच्चे को ज्यादा और दूसरे से प्यार कम क्यों? मैंने ऐसी क्या गलती की थी। इस बात पर राकेश रोशन ने कहा, “मैं हाथ जोड़कर एग्जीबिटर्स से विनती करता हूं कि वे ऐसा न करें। मेरी फिल्म के साथ जो होना था वह हो गया मगर भविष्य में ऐसा पक्षपात नहीं होना चाहिए। एग्जीबिटर पक्षपात करते हैं इसलिए ऐसा होता है. मालूम नहीं कि वे किस दबाव में ऐसा करते हैं। अगर कोई निर्माता एग्जीबिटर से कहता है कि इस फिल्म में मुझे ज्यादा या मनचाहा स्क्रीन नहीं मिलेगा तो मैं मार्च में या अगली फिल्म आपको नहीं दूंगा। इससे एग्जीबिटर को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे बड़े गेम प्लेयर हैं। उनमें बहुत एकता है। वो निर्माता को अगर कह दें कि आपकी फिल्म हम रिलीज़ नहीं करेंगे तो क्या निर्माता अपनी फिल्म को रिलीज़ कर सकता है? बिलकुल नहीं कर सकता। निर्माता को घुटने पर झुक कर अपनी फिल्म रिलीज़ करवानी पड़ेगी।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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