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मोदी की हिदायत बीजेपी के नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट न मांगें


नई दिल्ली: बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बारे में कहा कि बीजेपी इन राज्यों में जीत हासिल करेगी, लेकिन इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को फोकस करना होगा। साथ ही उन्होंने ये हिदायत भी दी कि नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट न मांगें। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी चुनावी चंदे में पारदर्शिता के समर्थन में है।
हालांकि पीएम मोदी के भाषण में ज्यादा जोर गरीब कल्याण के मुद्दे पर रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए की सरकार बनते ही उन्होंने कहा था कि यह सरकार गरीबों की भलाई के लिए आई है। पीएम ने कहा कि विपक्ष ने सिर्फ सिर्फ़ वादे किए, हमने ठोस काम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी से गरीबों को बहुत फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की सारी योजनाओं का सीधा लाभ गरीबों को मिला है और आगे भी सरकार गरीबों के हित के लिए कदम उठाएगी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम गरीबों को वोट बैंक की नज़र से नहीं देखते। गरीबी हमारे लिए सेवा का अवसर है। गरीब की सेवा प्रभु की सेवा है, इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार काम कर रही है। रविशंकर प्रसाद ने बताया, प्रधानमंत्री ने कहा कि वह खुद एक गरीब परिवार से आते हैं और उन्होंने गरीबी देखी है। इसलिए उनकी सरकार गरीबों तथा वंचित तबकों के लिए काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से विपक्ष के नोटबंदी के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान तथा आरोपों से हतोत्साहित न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं का स्वागत करना चाहिए। हमारी आंतरिक शक्ति सच्चाई के मार्ग पर आगे बढ़ने में हमारी मदद करेगी। रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने बैठक में जो सबसे अहम मुद्दा उठाया, वह है राजनीतिक प्रक्रिया में पारदर्शिता का। ऐसे दौर में जब पूरा देश पारदर्शिता का उत्सव मना रहा है, राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे में भी पारदर्शिता लाने की जरूरत है। प्रसाद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की सीमा पर बात की और कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भाजपा सक्रिय भूमिका अदा करेगी।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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