[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

पद्मावती के समर्थन में सुशांत सिंह राजपूत ने अपने नाम से सरनेम हटाया


नई दिल्ली: जयपुर में ‘पद्मावती’ के सेट पर हुए हंगामे और फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ हुई बदसलूकी के बाद पूरा बॉलीवुड भंसाली और फिल्म के साथ खड़ा हो गया है। सितारों ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लेकिन ‘एमएस धोनी’ स्टार सुशांत सिंह राजपूत ने एक कदम आगे बढ़ते हुए ‘पद्मावती’ के समर्थन में ट्विटर पर अपने नाम से अपना सरनेम हटा लिया है।
बताते चलें कि सेट पर राजपूत करणी सेना ने हमला किया था, उनका आरोप था कि फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़कर दिखाया जा रहा है। जबकि फिल्म की टीम ने यह साफ किया है कि इतिहास के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इस घटना के बाद भंसाली ने जयपुर में शूटिंग रद्द कर दी है। फिल्म में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर प्रमुख भूमिकाएं निभा रहे हैं। सुशांत ने ट्विटर पर लिखा, ‘हम तब तक भुगतेंगे जब तक हम अपने सरनेम का मोह छोड़ नहीं देते। अगर आप इतने हिम्मती हैं तो ‘पद्मावती’ से सपोर्ट में अपना उपनाम हटा दें। इस ट्वीट को सुशांत ने अपने टाइमलाइन पर पिन किया हुआ है। इसके बाद सुशांत ने रविवार सुबह एक ट्वीट में लिखा, ‘मानवता से बड़ा कोई धर्म, कोई जाति नहीं होती और प्यार और दया हमें इंसान बनाती है। इसके अलावा हर बंटवारा अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए किया जाता है।सुशांत ने एक और ट्वीट में लिखा, ‘भविष्य में अपनी जगह बनाने के लिए लोग इतिहास की दुहाई देते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं कि इससे उनका नाम हमेशा के लिए भुला दिया जाएगा। कुछ दिनों पहले ही सुशांत ने अपनी मां की याद में भावुक नोट लिखा था, उनकी मां की मौत साल 2002 में ही हो गई थी। सुशांत की आखिरी फिल्म ‘एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी’ थी, जिसमें उन्होंने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म में सुशांत के प्रदर्शन को काफी पसंद किया गया था। सुशांत की अगली फिल्म कृति सेनन के साथ ‘राब्ता’ होगी जो जून में रिलीज होगी। वहीं सुशांत इन दिनों फिल्म ‘चंदा मामा दूर के’ की तैयारियों में व्यस्त हैं जिसमें वह बोइंग उड़ाते नजर आ सकते हैं।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search