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मंत्री संजय पाठक का नाम हवाला कांड में, एसपी के ट्रांसफर से बखेड़ा

नई दिल्ली: पूर्वी मध्यप्रदेश के विजयराघौगढ़ के विधायक और मंत्री संजय पाठक इन दिनों चर्चा में हैं। एक्सिस बैंक में पांच सौ करोड़ से अधिक का काला धन सफेद करने की कोशिश के मामले के तार उनसे जुड़ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रहे कटनी जिले के एसपी गौरव तिवारी का ट्रांसफर होने पर बखेड़ा खड़ा हो गया है। तिवारी काफी लोकप्रिय अफसर हैं और उनके ट्रांसफर के लिए संजय पाठक को जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार विरोध तेज होने और बीजेपी सरकार की बदनामी होने के कारण पाठक से जल्द ही इस्तीफा लिया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाकर सीधे मंत्री पद हासिल कर चुके संजय पाठक जहां इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के निशाने पर हैं वहीं बीजेपी के स्थानीय प्रतिद्वंदी भी परोक्ष रूप से उन्हें पटकनी देने की कोशिश में जुटे हैं। कटनी में एसपी गौरव तिवारी का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है और इसकी आंच से प्रदेश की राजनीति में काफी गर्मी आ गई है। संजय पाठक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण राज्यमंत्री हैं। माइनिंग कारोबारी संजय पाठक को कुछ साल पहले तक बीजेपी के नेता-कार्यकर्ता माइनिंग माफिया कहते थे। संजय पाठक के पिता सत्येंद्र पाठक कांग्रेस सरकार के दौर में मंत्री थे। उनकी राजनीतिक विरासत संजय पाठक ने संभाली। पहले वे कांग्रेस से महापौर और फिर विधायक थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा और हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें मंत्री बना दिया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने काला धन मामले में उनका नाम आते ही कटनी के एसपी गौरव तिवारी का ट्रांसफर कर दिया। यह मामला करीब 500 करोड़ के काले धन को सफेद करने की कोशिश का बताया जाता है। बताया जा रहा है कि एसपी गौरव तिवारी इस मामले की जड़ों तक पहुंच गए थे। इसमें संजय पाठक और आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता की संलिप्तता मिली है। इससे पहले कि मामला अधिक तूल पकड़ता शिवराज सिंह चौहान ने एसपी तिवारी को हटा दिया। लेकिन चूंकि गौरव तिवारी एक लोकप्रिय अधिकारी हैं, इसलिए कांग्रेस ने उनके ट्रांसफर के खिलाफ जनांदोलन शुरू कर दिया। यह आंदोलन क्रमश: परवान चढ़ता जा रहा है। बताया जाता है कि संजय पाठक की घोषित संपत्ति करीब 141 करोड़ है। उनका इंडोनेशिया में भी कारोबार है। उनके पास अपना प्राइवेट हेलीकॉप्टर भी है। निर्मला मिनरल्स और आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन के नाम से उनकी खनन कंपनियां हैं। जबलपुर के समीप सीहोरा में अवैध खनन के आरोप भी उन पर लगे थे। उनकी लीज वर्ष 2007 में ही खत्म हो गई थी जबकि वे सन 2012 तक अवैध खनन करते रहे। सन 2009 और 2010 में उनकी कंपनी को 4,60,000 टन के खनन की इजाजत थी लेकिन 19,80,488 टन खनिज निकाला गया। 10 लाख टन से ज्यादा का अतिरिक्त खनिज निकाला गया जिसकी कीमत 5000 करोड़ से ज्यादा आंकी गई। सूत्रों ने बताया कि सागर में बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी विनय सहत्रबुध्दे को पार्टी हाईकमान ने कटनी के एक्सिस बैंक के हवाला कांड की पूरी जानकारी लेकर रिपोर्ट दिल्ली में देने को कहा है। कार्यसमिति की बैठक में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान भी निशाने पर रहे।उनको मंत्री संजय पाठक से उनके पुत्र के संबंध को लेकर बार -बार सफाई देनी पड़ी। यह मामला इतना गर्मा गया है कि कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन संजय पाठक और काला धन का यह मामला ही प्रमुख रूप से चर्चा में रहा। उधर मंत्री संजय पाठक का दावा है कि अरुण यादव को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष उन्होंने बनवाया था, अफसोस कि वे विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पाए। संजय पाठक कटनी के एक्सिस बैंक कांड की जांच किसी भी एजेंसी से कराने को तैयार हैं। पाठक ने कहा है कि एसपी का ट्रांसफर उन्होंने नहीं कराया है, यह रुटीन प्रक्रिया है। इस मामले में उन्हें फंसाया जा रहा है. इस साजिश का पर्दाफाश जल्द होना चाहिए। पाठक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने के लिए मंगलवार को सागर पहुंचे। बताया जाता है कि इसके बाद से उनका जल्द इस्तीफा होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

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