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अगले सत्र से 5वीं, 8वीं बोर्ड परीक्षाएँ होंगी, सेमेस्टर सिस्टम होगा समाप्त


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर विद्यार्थी पंचायत में घोषणा कीकि मप्र बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों का राष्ट्रीय-स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए चयन होने पर उनकी पूरी फीस राज्य सरकार भरेगी। जिन विद्यार्थियों के 85 प्रतिशत से कम अंक आते हैं और उनका चयन राष्ट्रीय-स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में होता है तो उन्हें राज्य सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाएगी। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों से संवाद के लिए आयोजित पंचायतों की श्रंखला में यह पंचायत आयोजित की गई। चौहान ने स्वामी विवेकानन्द का पुण्य-स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम से सेमेस्टर व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर गणवेश लागू होगा। विद्यार्थियों और उद्योगों के बीच परस्पर संवाद के लिये एक प्लेसमेंट पोर्टल बनाया जाएगा। शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए अगले शैक्षणिक सत्र से पाँचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएँ होगी। चौहान ने कहा कि वर्ष में एक दिन मुख्यमंत्री, मंत्री, रिटायर्ड अधिकारी, अधिकारी, कॉलेज के विद्यार्थी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने जाएँगे। इसकी शुरूआत 28 जनवरी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को इस बार लेपटॉप की राशि के स्थान पर लेपटॉप दिए जाएँगे। एनसीसी और एनएसएस विद्यार्थियों को वेटेज देने की योजना बनाई जाएगी। सभी महाविद्यालयों का रिकार्ड ऑनलाईन किया जाएगा। अगले सत्र से राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हिन्दी में प्रश्नपत्र दे सकेंगे। राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की कोचिंग सभी वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। चिन्हित महाविद्यालयों में प्लेसमेंट सेंटर खोले जाएँगे। इस वर्ष 50 महाविद्यालय के भवनों के लिए राशि आवंटित की जाएगी। सभी विश्वविद्यालयों में बैचलर ऑफ वोकेशनल एजुकेशन शुरू किया जायेगा। प्रत्येक संभाग में एक उत्कृष्ट महाविद्यालय और प्रत्येक जिले में एक आदर्श महाविद्यालय बनाया जाएगा। विद्यार्थियों से जुड़ी प्रमुख सुविधाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाया जाएगा। शासकीय स्कूलों के पाठ्यक्रमों को एनसीईआरटी के समतुल्य बनाया जाएगा। प्रदेश में विश्व स्तरीय कौशल विकास संस्थान खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस उद्योग, शिक्षा और रोजगार पर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, मप्र इसमें पीछे नहीं रहेगा। प्रदेश में दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण संरक्षण का अभियान ‘नमामि देवी नर्मदे”-सेवा यात्रा चल रहा है। इसके अंतर्गत नर्मदा के दोनों तटों पर नशामुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। नर्मदा सेवा यात्रा में विद्यार्थी भी सहभागिता करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने महाविद्यालय परिसरों में नशामुक्ति अभियान चलाएँ। वर्ष में एक पेड़ जरूर लगाएं। अपने शहर और गाँव को स्वच्छ रखें। प्रदेश के युवा उद्यमी बनें। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना लागू की है। इस वर्ष प्रदेश के साढ़े सात लाख युवाओं को स्व-रोजगार के लिए मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग में चल रही योजनाओं के हितग्राही विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप सुविधाएँ प्रदान की। मुख्यमंत्री ने प्लेसमेंट पोर्टल का भी शुभारंभ किया और कौशल विकास पर काफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। उन्होंने पहली से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को छात्रवृत्ति वितरण की ‘मिशन वन क्लिक” योजना का शुभारंभ किया। इसमें एक क्लिक में 65 लाख बच्चों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुँच गई।

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