पॉलीथीन की थैली 1 मई से प्रतिबंधित: शिवराज - .

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Thursday, 26 January 2017

पॉलीथीन की थैली 1 मई से प्रतिबंधित: शिवराज


भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों से समृद्ध और संस्कारित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहयोग का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष में एक पेड़ लगाने, एक बच्चे को कुपोषण से मुक्त करवाने, एक को पढ़ाने और एक व्यक्ति को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें। चौहान राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आगामी एक मई से पॉलीथीन थैली के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित करने, कैश-लैस ट्रांजेक्शन मिशन बनाने, दुराचार के अपराधियों के लिये कठोरतम दंड व्यवस्था हेतु जन-जागरण करने और लोगों को संकल्पित करवाकर नशामुक्त प्रदेश बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय समृद्ध और वैभवशाली देश का जो सपना देखा गया था, वह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा हैं। भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कालेधन पर निर्णायक प्रहार हुआ है। मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों से देश में नया वातावरण बना है। मप्र भी इसमंन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आगामी 31 मार्च तक प्रदेश के सभी नगर खुले में शौच से मुक्त हो जायेंगे। कैश-लैस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये कनेक्टिविटी को विस्तारित किया जायेगा। इसके लिये लाइन बिछाने में विद्युत खंबों का उपयोग होगा। कैश-लैस ट्रांजेक्शन की आशंकाओं को निर्मूल साबित करने के लिये ट्रांजेक्शन इन्श्योरेंस का सुझाव भी केंद्र सरकार को दिया गया है। चौहान ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म के 100 वें वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता को जर्नादन मानकर राज्य सरकार काम कर रही है। जो संसाधन का उपयोग कर रहे हैं, उन पर करारोपण से प्राप्त राशि गरीब कल्याण के काम पर व्यय कर रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी के पास रहने लायक भूमि हो इसका कानून आगामी बजट सत्र में बनाया जायेगा। वर्ष 2022 तक हर गरीब व्यक्ति के पास अपना मकान होगा। चौहान ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये 12 वीं तक नि:शुल्क शिक्षा के साथ गणवेश, साइकिल और छात्रवृत्तियाँ दी जा रही हैं। अब सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था कर दी है। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में जो 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाते हैं, उनके चिन्हित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पर चिकित्सा, यांत्रिकी, प्रबंधन और विधि की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार भरवायेगी। इससे कम अंक वालों की भी फीस भरवाई जायेगी, यदि उन्हें भी उक्त शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश मिलता है। शिक्षा उपरांत फीस की राशि उन्हें वापस करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये कृषि वानिकी, उद्यानिकी, पशुपालन की समग्र गतिविधियों का आदर्श मॉडल विकसित किया जा रहा है। रबी फसलों में पाले से प्रभावित किसानों को उचित मदद की जायेगी। तुअर की दाल की भी सर्मथन मूल्य पर खरीदी की जायेगी। खाद्य प्र-संस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के साथ ही कुटीर एवं ग्रामो़द्योग का जाल भी बिछाने का काम किया जा रहा है। इस वर्ष 7.5 लाख व्यक्तियों को स्व-रोजगार एवं 7.5 लाख का कौशल उन्न्यन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सालयों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये युद्ध स्तर पर पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि शासकीय जिला चिकित्सालयों के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। चौहान ने कहा कि प्रदेश महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित राज्य है। महिलाओं को शिक्षक के पदों में 50 और वन विभाग को छोड़कर शेष सभी विभागों की नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाया जायेगा।

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