मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले के किसानों को फसल बीमा के प्रमाण-पत्र वितरित किये - .

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Saturday, 10 December 2016

मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले के किसानों को फसल बीमा के प्रमाण-पत्र वितरित किये

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भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि धरती पर अगर कोई भगवान है तो वह किसान है। अन्न, फल और सब्जी के बिना जीवन चल नहीं सकता। किसान अगर खेती छोड़ दे तो दुनिया के सामने संकट पैदा हो जायेगा। बिना कृषि के संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सपना था कि खेती को लाभ का धंधा बनाया जाये। इसके लिये राज्य सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री उज्जैन में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में फसल बीमा के दावों के वितरण के किसान महा-सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उज्जैन जिले के एक लाख 41 हजार किसानों को 341 करोड़ के फसल बीमा दावा प्रामण-पत्र दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने जिले में 100 करोड़ की लागत से किये गये विकास कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष माखनसिंह, विधायक डॉ. मोहन यादव, अनिल फिरोजिया, दिलीपसिंह शेखावत, बहादुरसिंह चौहान, सतीश मालवीय, मुकेश पण्ड्या और महापौर मीना जोनवाल मौजूद थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ा है। वर्ष 2003 में मात्र 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, वहीं आज 40 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बड़ी सिंचाई योजना पर 44 हजार 521 करोड़ खर्च किये हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नदियों को आपस में जोड़ने का काम किया जा रहा है। क्षिप्रा में नर्मदा का जल लाने के बाद अब गंभीर नदी को नर्मदा से जोड़ने का कार्य शुरू किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान खाद-बीज के लिये एक लाख रुपये का कृषि ऋण लेगा तो उसे एक वर्ष बाद मात्र 90 हजार रुपये लौटाने होंगे। उन्होंने बताया कि फसल बीमा में मुआवजे के तौर पर प्रदेश के 20 लाख 50 हजार किसानों को 4,600 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे एक फसली भूमि को दो फसली में और दो फसली भूमि को तीन फसली भूमि में परिवर्तित करे। उन्होंने किसानों से खेती में आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक इस्तेमाल किये जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने किसानों से उद्यानिकी फसलों को लेने, पशुपालन और मछली पालन की तरफ भी विशेष ध्यान देने को कहा। चौहान ने किसानों से कहा कि वे कैशलेस पद्धति को अपनायें। किसान अपने दैनिक जीवन में डेबिट, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पद्धति से किसानों को उनके खाते में पैसा उपलब्ध करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाये। इसमें मार्केटिंग और ब्राँडिंग में राज्य सरकार की ओर से मदद दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने मंच से किसानों को कृषि आय को दोगुना करने का संकल्प दिलाया। चौहान ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के सफल 11 वर्ष पर लगाई गई प्रदर्शनी को देखा। मुख्यमंत्री को किसान मोर्चा की तरफ से हल भेंट किया गया। कार्यक्रम को सांसद डॉ. चिन्तामणि मालवीय ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि देश के इतिहास में संभवत: इतनी बड़ी राशि का फसल बीमा आज तक किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले के किसानों को फसल बीमा के प्रमाण-पत्र वितरित किये।

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