[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

मुख्यमंत्री आज करेंगे अमरकंटक से ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा का शुभारंभ

narmada-yatra
भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मप्र की जीवन रेखा माँ नर्मदा के उदगम स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। चौहान ने माँ नर्मदा की महा आरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा को दुनिया की सबसे शुद्ध और स्वच्छ नदी बनाने के लिए जन-सहयोग का आव्हान किया।
चौहान ने नर्मदा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री 11 दिसंबर से नर्मदा को प्रदूषणमुक्त बनाने और नदी के संरक्षण के लिये जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की समाज के सहयोग के साथ आयोजित ‘नमामि देवी नर्मदे’ – सेवा यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यात्रा 11 मई तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवनदायी माँ नर्मदा के प्रति हमारा भी कर्त्तव्य है कि हम माँ का ऋण उतारें। उदगम स्थल से लेकर पूरी नदी प्रदूषित हो रही है। उन्होंने इसके लिये माँ नर्मदा से क्षमा-याचना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ नर्मदा को प्रदूषणमुक्त करने का मन में संकल्प जागा है। यह माँ के ऋण से उऋण होने का संकल्प है। दोनों तट शुद्ध हों। प्रदूषणमुक्त हो। सभी घरों में शौचालय बनें, हम माँ के दोनों तट में हरी चुनरी चढ़ायेंगे। इसके लिए 11 दिसम्बर से नर्मदा सेवा यात्रा शुरू की जा रही है। इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (स्वतंत्र प्रभार), उच्च शिक्षा तथा जिले के प्रभारी राज्य मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक, आदिवासी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष शिवराज शाह, यात्रा के संयोजक डॉ. जीतेन्द्र जामदार, जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। महाआरती के लिये रामघाट को दूधिया प्रकाश से सजाया-सँवारा गया। पूरे नगर में रोशनी की गयी। इस दौरान लेजर आतिशबाजी अत्यन्त आकर्षक एवं मनमोहक थी। ‘नमामि पाद पंकजम, नमामि देवी नर्मदे’ स्तुति ने धर्मालुओं का मन मोह लिया। माँ प्रज्ञा भारती, जबलपुर के दल ने नर्मदाष्टक का पाठ एवं भजन संघ्या की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के उदगम स्थल अमरकंटक से 144 दिवसीय ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा का रविवार 11 दिसम्बर को शुभारंभ करेंगे। यात्रा नर्मदा नदी के तट पर स्थित नगरों एवं कस्बों से होकर 16 जिलों से गुजरेगी। यात्रा का पहला पड़ाव अमरकंटक नगर से 3 किमी दूर स्थित अमरकंटक की सीमा के अरण्डी आश्रम में होगा। मुख्यमंत्री अमरकंटक में माँ नर्मदा मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे एवं नर्मदा को चुनरी चढ़ायेंगे। इसके बाद नर्मदा मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ होगी, जो मुख्य मार्ग से होते हुए रामघाट आएगी। रामघाट में मुख्यमंत्री साधु-संतों का सम्मान और कन्या-पूजन करेंगे। इसके बाद जनसंवाद होगा। संवाद को विषय-विषेषज्ञ, कार्यक्रम के अतिथि तथा मुख्यमंत्री संबोधित करेंगे। साधु-संतों द्वारा ध्वज पूजन कर उसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। रामघाट से मुख्यमंत्री ध्वज लेकर रामघाट स्थित नर्मदा वाटिका में जाकर अन्य अतिथियों के साथ नवग्रह एवं त्रिवेणी पौधरोपण करेंगे। इसके बाद नर्मदा सेवा यात्रा नर्मदा नदी के दक्षिण तट से मुख्यमंत्री की अगुआई में अरण्डी आश्रम के लिए प्रस्थान करेगी। अरण्डी आश्रम में मुख्यमंत्री चौपाल कार्यक्रम में भाग लेंगे। अगले दिन 12 दिसम्बर को चौहान अरण्डी आश्रम से नर्मदा सेवा यात्रा का शुभारंभ करेंगे।

About Author saloni

i am proffesniol blogger

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search