मायावती के भाई का अकाउंट भी जब्त - .

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Monday, 26 December 2016

मायावती के भाई का अकाउंट भी जब्त

नई दिल्ली: नोटबंदी के मसले पर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर रहीं बीएसपी प्रमुख मायावती खुद सवालों के घेरे में आ गई हैं। आयकर विभाग ने उनके भाई आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में जांच तेज कर दी है। दिल्ली के करोल बाग में ईडी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सोमवार की सुबह छापेमारी की। यह छापेमारी देर शाम तक चलती रही।
ईडी को यूनियन बैंक की शाखा में दो ऐसे बैंक खाते मिले जिसमें करोड़ों रुपये जमा किए गए थे। उसमें एक खाता मायावती के भाई आनंद के नाम था जिसमें ईडी को एक करोड़ 43 लाख रुपए मिले। साथ ही दूसरा खाता बहुजन समाज पार्टी के नाम पर था जिसमें ईडी को लगभग 104 करोड़ रुपये मिले। इन दोनों खातों में रकम 8 नवंबर यानी नोट बंदी के बाद जमा की गई और ये पैसे टुकड़ों में जमा किए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को दे दी है। अब इनकम टैक्स विभाग यह जांच करेगा कि इन दोनों खातों में मौजूद रकम कितनी सही है। क्या यह रकम कालाधन तो नहीं, अभी तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ और ना ही कोई गिरफ्तारी हुई है। ईडी के यूनियन बैंक के इस ब्रांच के दो खातों में नोटबंदी की घोषणा के बाद संदिग्ध रूप से अत्यधिक मात्रा में पैसा जमा होने की खबर मिली थी। सूत्रों की मानें तो यूबीआई की इस ब्रांच में हर रोज 15 से 20 करोड़ रुपये जमा हो रहे हैं, जिसके बाद ये दबिश दी गई। ईडी ने बैंक से इन दो खातों का पूरा ब्योरा मांगा है और बैंक अधिकारियों से बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज और बैंक खातों के केवाईसी दस्तावेज देने के लिए भी कहा है। दरअसल आयकर विभाग को को कई गुप्त जानकारियां मिली थीं कि आनंद कुमार कई बेनामी संपत्तियां जमा किए हुए हैं। जांच कड़ी में आयकर विभाग ने नोएडा के कई बिल्डर्स को नोटिस भेजा है। मायावती के भाई आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने प्राइवेट बिल्डरों के साथ गठजोड़ से बेनामी संपत्तियां बनाई हैं। बिल्डरों के आनंद कुमार के साथ संबंध है और उन्होंने उनकी आवास परियोजनाओं में खूब कालेधन निवेश किया है। आयकर विभाग ने इन बिल्डरों से जमीनों के संबंध में जानकारी मांगी है। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद मायावती लगातार मोदी सरकार को घेरने में लगी हुई हैं। ऐसे में बीजेपी उन पर पलटवार कर सकती है। सोमवार को मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में ले लिया और अब यह उनके लिए गले की फांस बन गया है। अपने चोर दरवाजे से बीजेपी ने पूंजीपतियों और धन्नासेठों का बहुत पैसा बहाया है। वहीं मायावती ने नोटबंदी पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ‘नूर उतर जाने’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि नूर उनका नहीं, बल्कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे का उतर चुका है क्योंकि नोटबंदी से देश की जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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