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शिवराज आज उज्जैन में करेंगे बीमा दावा राशि का वितरण

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भोपाल: प्रदेश के किसानों को देश के इतिहास में पहली बार सबसे बड़े और सबसे पहले बीमा दावे की राशि का वितरण 10 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उज्जैन जिले से प्रदेश के 20 लाख 46 हजार किसानों को 4416 करोड़ की बीमा दावा राशि वितरण की शुरूआत करेंगे। यह उल्लेखनीय है कि मप्र देश में पहला राज्य है जहाँ प्रधानमंत्री फसल बीमा दावे की राशि सबसे पहले वितरित हो रही है। यह भी संयोग है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को आपदा से होने वाली क्षतिपूर्ति के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भी घोषणा सीहोर जिले के शेरपुर में 18 फरवरी 2016 को एक विशाल किसान महासम्मेलन में की थी। मुख्यमंत्री की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और बीमा योजना का तत्परता से क्रियान्वयन करवाये जाने से यह संभव हुआ है।
किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ 2015 में आई आपदा से जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचा था, उन्हें देश में सबसे पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 में खरीफ फसलों को पहुँचे नुकसान पर आपदा मद से पूर्व में ही 4600 करोड़ की राहत राशि वितरित कर दी थी। इस तरह किसानों को अपने नुकसान की भरपाई के रूप में लगभग 9 हजार करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही वर्ष 2013 में खरीफ फसलों को पहुँचे नुकसान पर मप्र देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य था जिसने 14 लाख किसानों को 2187 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की थी। मुख्यमंत्री 2015 में आई आपदा पर किसानों के साथ थे। उन्होंने सभी प्रभावित 36 जिलों का दौरा कर किसानों के खेत में जाकर आपदा से प्रभावित फसलों का न केवल जायजा लिया बल्कि किसानों को ढाँढस बँधाया था कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्होंने अपना यह वायदा निभाया भी। कृषि मंत्री ने बताया की उज्जैन में मुख्यमंत्री द्वारा बीमा क्लेम राशि वितरण की शुरूआत करने के साथ ही सभी 51 जिले में बीमा दावा राशि का वितरण होगा। सभी तहसीलों में भी शिविर लगाये जाएंगे। शिविर में किसानों को मुख्यमंत्री के पत्र के साथ बीमा दावा राशि का प्रमाण-पत्र भी दिया जायेगा। वितरण के इस महाअभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में अगर कोई हितग्राही नहीं पहुँच पाता है तो राजस्व अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह प्रमाण-पत्र किसान को उसके घर पर जाकर दे। प्रमाण-पत्र वितरण के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उज्जैन में किसानों की आय दोगुना करने का रोडमेप भी प्रस्तुत करेंगे। जिलों में सभी कलेक्टर इस रोडमेप के बारे में किसानों को जानकारी देंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि यंत्र जैसे स्प्रिंकलर, ड्रिप सेट, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, अन्नपूर्णा योजना में बीज, ट्रेक्टर की चाबी आदि के स्वीकृति पत्र भी दिये जाएँगे। कार्यक्रम में कृषि की नई तकनीक और फसल बीमा के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री बीमा योजना में प्रमुख रूप से 400 करोड़ रुपये सीहोर और देवास, 300 करोड़ उज्जैन और विदिशा, 200 करोड़ राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, शाजापुर और मंदसौर तथा रायसेन, हरदा, आगर-मालवा, नरसिंहपुर, नीमच, बैतूल और इंदौर में 100 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जायेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से प्रदेश के 40 लाख किसानों को जोड़ा गया है इसमें 4 लाख अऋणी किसान भी शामिल हैं। देश के इतिहास के सबसे बड़े, सबसे पहले बीमा दावा राशि वितरण के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री के उदबोधन का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय सम्मेलन में और ग्राम पंचायत में सीधा प्रसारण किया जायेगा। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं।

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