[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

मुख्यमंत्री, पूर्व उप प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री और मंत्री-मण्डल सहित अनेक राजनेता अंत्येष्टि में हुए शामिल


भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री स्व.सुन्दरलाल पटवा की आज नीमच जिले में उनके गृह ग्राम कुकड़ेश्वर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अत्येष्टि की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य वरिष्ठ राजनेताओं ने स्व. पटवा के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया और उनकी अर्थी को कांधा दिया। स्वर्गीय पटवा के भतीजे एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेन्द्र पटवा ने मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री स्वर्गीय पटवा के निज निवास से निकली शवयात्रा में शुरू से अंत तक रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व.पटवा की पार्थिव देह आज सुबह एयर एम्बुलेंस से भोपाल से नीमच लाई गई। यहाँ से उनके गृह नगर कुकड़ेश्वर लाया गया। कुकड़ेश्वर में परिजनों और स्थानीय आमजन के अन्तिम दर्शनार्थ पार्थिव देह को उनके निज निवास फुलवारी तथा पटवा मांगलिक भवन में रखा गया। इसके बाद दोपहर में पूरे राजकीय सम्मान एवं वैदिक मंत्रोचार के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद हुई शोकसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व.पटवा प्रदेश के विकास पुरूष थे। उनके निधन से एक युग का अंत हुआ। वे दलगत राजनीति से परे थे। वह शालीनता और शिष्टाचार की राजनीति के प्रतीक थे। वे कर्मठ राजनेता थे और उन्हें सबको साथ लेकर चलने में महारत हासिल थी। उनके निधन से प्रदेश ने एक कर्मठ और समर्पित नेता खो दिया है। उनका निधन प्रदेश के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी पूर्ति अब कभी नहीं हो सकेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति देने तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की। शोकसभा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय पटवा को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से श्रृद्वा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व.पटवा का छत्तीसगढ़ से हमेशा करीबी नाता रहा। अविभाजित मप्र के दौर में छत्तीसगढ़ से उनकी हजारों यादें जुड़ी हैं। वे संगठन के कुशल शिल्पी रहे। केन्द्रीय जल-संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि स्वर्गीय पटवा के निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने गृहस्थ होते हुए भी हमेशा त्याग की राजनीति की। वे निर्भीक व्यक्तित्व के थे। शोकसभा में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी ने कहा कि स्वर्गीय पटवा ने वर्षों तक मप्र को कुशलता से संभाला और प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। ऐसा विराट व्यक्तित्व आज हमारे बीच नहीं है। उनकी कमी हमेशा ही खलती रहेगी। अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवानी, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जल-संसाधन मंत्री उमा भारती, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश मंत्री-मण्डल के सदस्य जयंत मलैया, गौरीशंकर शेजवार, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अर्चना चिटनिस, पारस जैन, गौरीशंकर बिसेन, अंतरसिंह आर्य, लालसिंह आर्य, दीपक जोशी सहित बड़ी संख्या में देश और प्रदेश के राजनेता, नीमच एवं मंदसौर जिले के सभी जन-प्रतिनिधि सहित क्षेत्रवासियों ने अंत्येष्टि में शामिल होकर स्वर्गीय पटवा की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किये और उन्हें श्रद्वा-सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्वांजलि दी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री नरेन्द्र नाहटा, संगठन महामंत्री रामलाल, आरएसएस के सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी सहित अन्य वरिष्ठ राजनेता एवं मंत्रीगण ने भी संवेदनाएँ व्यक्त की।

About Author saloni

i am proffesniol blogger

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search