नोटबंदी के बाद बेनामी संपत्ति के खिलाफ होगा वार: मोदी - .

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Sunday, 25 December 2016

नोटबंदी के बाद बेनामी संपत्ति के खिलाफ होगा वार: मोदी

नई दिल्ली: बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने बेनामी संपत्ति कानून को धारदार बनाया है और आने वाले दिनों में यह कानून अपना काम करेगा।
पीएम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए सरकार पर बेनामी संपत्ति से जुड़े कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया। आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने पहले ही दिन कहा था, 8 तारीख को (नोटबंदी की घोषणा के दिन) कहा था, ये लड़ाई असामान्य है। 70 साल से बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में कैसी शक्तियां जुड़ी हुई हैं? उनकी ताकत कितनी है? ऐसे लोगों से मैंने जब मुकाबला करना ठान लिया है तो वे भी तो सरकार को पराजित करने के लिए रोज नए तरीके अपनाते हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘जब वो नए तरीके अपनाते हैं तो हमें भी तो काट के लिए नया तरीका ही अपनाना पड़ता है। तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात, क्योंकि हमने तय किया है कि भ्रष्टाचारियों को, काले कारोबारों को, काले धन को, मिटाना है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूर्ण विराम नहीं है। ये तो अभी शुरुआत है. ये जंग जीतना है और थकने का तो सवाल ही कहां उठता है, रुकने का तो सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि जिस बात पर सवा सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हो, उसमें तो पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मालूम होगा हमारे देश में बेनामी संपत्ति का एक कानून है। 1988 में बना था, लेकिन कभी भी न उसके नियम बने, उसको अधिसूचित नहीं किया। ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा. हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून हमने बनाया है। आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा। देशहित के लिए, जनहित के लिए, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ इस महायज्ञ में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया है। मैं चाहता था कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है, राजनीतिक दलों को राजनीतिक वित्त पोषण के मुद्दे पर सदन में व्यापक चर्चा हो। अगर सदन चला होता तो जरूर अच्छी चर्चा होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग अफवाह फैला रहे हैं कि राजनीतिक दलों को सब छूट-छाट है, ये गलत है। कानून सब के लिए समान होता है और चाहे व्यक्ति हो, संगठन हो या राजनीतिक दल हो, हर किसी को कानून का पालन करना ही होता है और करना ही पड़ेगा। जो लोग खुल कर भ्रष्टाचार और काले धन का समर्थन नहीं कर पाते हैं, वे सरकार की कमियां ढूंढने के लिए पूरी देर लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक बात ये भी आती है बार-बार नियम क्यों बदलते हैं। ये सरकार जनता-जनार्दन के लिए है। जनता का लगातार फीडबैक लेने का प्रयास सरकार करती है। जनता-जनार्दन को कहां कठिनाई हो रही है, किस नियम के कारण दिक्कत आती है, उसका क्या रास्ता खोजा जा सकता है। हर पल एक संवेदनशील सरकार होने के कारण जनता-जनार्दन की सुख-सुविधा को ध्यान में रखते हुए जितने भी नियम बदलने पड़ते हैं, बदलती है, ताकि लोगों की परेशानी कम हो।

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