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डिजिटल करेंसी को बढावा देने एक दिसंबर से हर ग्राम पंचायत में शिविर लगेंगे

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भोपाल: प्रदेश में डिजिटल करेंसी के उपयोग को बढावा देने के लिये एक दिसंबर से हर ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन और बैंक मिलकर शिविर लगायेंगे। इन कैंपों में उन सभी लोगों के खाते खोले जायेंगे और रूपे कार्ड दिये जायेंगे जिन्हें अब तक नहीं मिल पाए हैं। खाताधारकों को रुपे कार्ड का उपयोग करने और इसे सुरक्षित रखने के उपाय भी बताये जायेंगे। प्रत्येक बैंक की एक ब्रांच एक दिन एक ग्राम पंचायत में केम्प लगायेगी। इन कैंपों के आयोजन में जिला प्रशासन सहयोग करेगा। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच भी इन कैंपों में उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढावा देने के लिये रोड मैप में बनाने पर चर्चा की। चौहान ने कहा कि अब देश तेजी से कैशलेस इकनॉमी की तरफ बढ़ रहा है। मप्र इस काम में पीछे नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री ने राज्य शासन को सुझाव देने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाओं पर बैंक प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्लास्टिक करेंसी के उपयोग में देश में नंबर वन बनाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फ़ोर्स राज्य शासन और बैंकों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही और कार्य योजनाओं में समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि कैशलेस ट्रांजकेशन को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को 5 लाख पॉइंट ऑफ़ सेल मशीन उपलब्ध करवाने विचार किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था के संबंध में जागरूक और साक्षर बनाने के लिए बैंको के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी सघन अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाधाओं के बाद डिजिटल करेंसी के उपयोग में कोई व्यवहारिक समस्या नहीं रहेगी और यह गाँव-गाँव में उपयोग होने लगेगी। उन्होंने कहा कि काले धन और भ्रष्टाचार को प्रभावी रूप से रोकने के लिए प्लास्टिक मनी के उपयोग से अच्छा तरीका कोई और नहीं हो सकता। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना में प्रदेश में इस समय 2 करोड़ 22 लाख खाते हैं जिनमें 1999 करोड़ रुपए जमा हैं। इनमें से 1 करोड़ 26 लाख खाते आधार नंबर से जुड़ गए हैं। सभी खाताधारको को रुपे कार्ड दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहले से ही ई-पेमेंट की व्यवस्थाएँ स्थापित हैं और ज्यादातर सरकारी भुगतान ई-पेमेंट से हो रहे हैं। इसके अलावा साइबर ट्रेजरी से भी कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिला है। बैठक में ई वालेट के लिए एकीकृत पेमेंट गेटवे बनाने, टोल नाको पर डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट आदि स्वीकार करने, उच्च श्रेणी की विलासिता की वस्तुओ और सेवाओ का भुगतान ऑनलाइन करने, बिज़नस करेस्पोंडेंट्स को मज़बूत करने, पीओएस मशीन खरीदने, ऑनलाईन भुगतान का शुल्क माफ करने। स्थानीय व्यक्तियों को बिजनेस करेसपोडेंट बनाने, अत्यावश्यक सेवाओं जैसे साँची दुग्ध विक्रय केन्द्रों पर कैशलेस ट्रांजेक्शन करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। चौहान ने कहा कि धीरे-धीरे डिजीटल करेंसी चलन में आ जायेगी और सभी बाधाएँ दूर हो जायेंगी। बैठक में बैंकों के प्रतिनिधियों ने बताया कि आज से प्रदेश में असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के खाते खोलने और उन्हें मनी कार्ड देने के लिये कैम्प लगना शुरू हो गये हैं। पहले दिन 790 स्थानों पर कैम्प लगें जिनमें 11 हजार से ज्यादा खाते खोले गये हैं। कैम्पों के दौरान वित्तीय साक्षरता का प्रसार किया जायेगा। बैठक में मुख्य सचिव बीपी सिंह और बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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