प्रधानमंत्री फसल बीमा के अमल में दतिया होगा देश में अव्वल: नरोत्तम - .

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Friday, 4 November 2016

प्रधानमंत्री फसल बीमा के अमल में दतिया होगा देश में अव्वल: नरोत्तम

प्रधानमंत्री फसल बीमा के अमल में दतिया होगा देश में अव्वल: नरोत्तम

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भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 4 नवम्बर को दतिया में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हितग्राहियों को बीमा राशि के प्रमाण-पत्र का वितरण करेंगे। योजना का किसानों को लाभ देने वाला दतिया देश का प्रथम जिला होगा। मुख्य कार्यक्रम दतिया, स्टेडियम ग्राउंड में रहेगा। जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया स्टेडियम में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से मंच व्यवस्था, टेंट, बैठक, माईक, आने-जाने की व्यवस्था आदि के संबंध में निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगेगी।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि दतिया में मुख्यमंत्री द्वारा चार नवम्बर को किसानों को फसल बीमा योजना राशि के प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। सभी किसानों से आग्रह किया गया है कि वे आवश्यक रूप से कार्यक्रम में पहुँचे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिये अब तक की सबसे कम प्रीमियम दर देकर बीमा करवाने की योजना होगी। योजना में भारत सरकार द्वारा आर्थिक भार वहन किया जायेगा। विशेष बात यह है कि खाद्यान्न, दलहन, तिलहन फसलों के लिये एक मौसम, एक दर होगी। जिलेवार और फसलवार अलग-अलग दर से अब मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा सालाना बागवानी/व्यावसायिक फसल के लिये प्रीमियम की दर ज्यादा से ज्यादा 5 फीसदी की गयी है। ये दरें पहले से काफी कम हैं।बीमा पर कोई केंपिंग नहीं होगी और इसके कारण दावा राशि में कमी या कटौती भी नहीं होगी। यही नहीं पहली बार जल भराव को भी स्थानीय जोखिम में शामिल किया गया है। इसके साथ ही पहली बार देशभर में फसल कटाई के बाद चक्रवात एवं बेमौसम बारिश का जोखिम भी शामिल किया गया है। पहली बार सही आकलन और शीघ्र भुगतान के लिये मोबाइल और सेटेलाइट टेक्नालॉजी के व्यापक उपयोग पर जोर दिया गया। पहले की योजनाओं में अधिक प्रीमियम होने पर बीमित राशि की सीमा तय करने से नुकसान होने पर भरपाई की रकम भी कम हो जाया करती थी, इसलिये नई योजना में इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। अब किसानों को बीमित राशि की पूरी रकम के अनुसार पूरा हर्जाना मिल सकेगा। योजना में आग लगने, बिजली गिरने, तूफान, ओला पड़ने, चक्रवात, अंधड़, बवंडर, बाढ़, जल-भराव, जमीन धँसने, सूखा, खराब मौसम, कीट एवं फसल को होने वाली बीमारियाँ आदि जोखिम से फसल को होने वाले नुकसान को शामिल कर एक ऐसा बीमा कवर दिया गया है, जिसमें इनसे होने वाले सारे नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जायेगी।

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