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सीएम ने पीवी सिंधु को 50 लाख रूपये भेंटकर किया सम्मान

delhi
भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित शिखर खेल अलंकरण 2016 से सम्मानित किया। उन्होंने रियो ओलंपिक में भारत के लिये रजत पदक जीतने वाली बेडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रूपये की राशि भेंट कर सम्मानित किया। सिंधु की माता विजया और कोच पुल्लेला गोपीचंद इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि रजत पदक जीतने पर मुख्यमंत्री ने पीवी सिंधु को पुरस्कार स्वरूप 50 लाख रूपये की राशि भेंट करने की घोषणा की थी। चौहान ने कहा कि सिंधु देश का गौरव है। उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक को भी सम्मानित किया जायेगा। प्रदेश के उन खिलाडियों को भी सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने ओलंपिक में भाग लिया था। चौहान ने अगले ओलंपिक में प्रदेश से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी भेजने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने प्रख्यात हॉकी कोच परमजीत सिंह को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया। साफ्ट टेनिस के प्रशिक्षक सुदेश सांगते और त्वाईकांडो के प्रशिक्षक वीरेंद्र पवार को विश्वामित्र सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर प्रकार से खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएँ देने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि रियो ओलिंपिक से स्पष्ट है कि भारत की बेटियाँ चमत्कार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों में प्रतिभा, क्षमता और लगन है। उन्हें थोड़ी सी सुविधाएँ मिल जाये, तो वे चमत्कार कर सकते हैं। चौहान ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल भी जीवन के लिए जरुरी है। राजनीति में भी खेल भावना होनी चाहिए। जो प्रतिबद्ध खिलाडी खेलों से गहरे जुड़े हैं उन्हें ही खेलों के प्रबंधन में रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों का आव्हान किया कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प लें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले ओलिंपिक मंय भारत उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा और मप्र का विशेष योगदान होगा। मुख्यमंत्री ने कयाकिंग खिलाडी अंजलि वशिष्ठ, सॉफ्टबॉल खिलाडी रिहा डेविड, कराते अजय यादव, वुशू खिलाडी अंकिता रायकवार और सॉफ्टबॉल खिलाडी सविता को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे। पीवी सिंधु ने ओलम्पिक मैचों के दौरान समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोच के मार्गदर्शन और समर्थन के बिना संभव नहीं था। खेल मंत्री यशोधराराजे सिंधिया ने प्रदेश में खेलों की उपलब्धियों और प्रगति का श्रेय मुख्यमंत्री को देते हुए कहा कि खेलों का बजट सौ गुना बढ़ाये बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि 2006 में खेल विभाग छोटा विभाग था। इसका बजट मात्र 4 करोड़ रूपये था। आज सौ गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बजट और खेल सुविधाएँ बढ़ने से खेल अकादमियों के खिलाड़ियों में उत्साह और खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि कोच और अभिभावक का सहयोग ही सफलता की कुंजी है। संचालक खेल उपेंद्र जैन ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर अग्रणी बनता जा रहा है। मप्र में खेलों को बढ़ाने की रणनीति का अन्य राज्यों द्वारा अध्ययन भी किया जा रहा है।

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